पटना : भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुई भरत तिवारी मुठभेड़ को लेकर बिहार की राजनीति लगातार गरमा रही है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर सरकार और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि भरत तिवारी का फर्जी एनकाउंटर हुआ है और इस पूरे मामले में सरकार को जवाब देना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि न्यायिक जांच में मुठभेड़ फर्जी साबित होती है तो उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बिहार की जनता और पीड़ित परिवार से माफी मांगनी चाहिए.
तेजस्वी यादव ने यह भी सवाल उठाया कि जिस परिवार ने अपने बेटे को खोया है, उसी परिवार के माता-पिता पर एफआईआर दर्ज कर दी गई. उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि आखिर पीड़ित परिवार को ही आरोपी बनाने की कोशिश क्यों की जा रही है. उनके मुताबिक सरकार को पहले निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए और परिवार को न्याय दिलाना चाहिए.
राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा भी तेज हो गई है कि तेजस्वी यादव को जल्द ही भरत तिवारी के गांव जाकर परिजनों से मुलाकात करनी चाहिए. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि विपक्ष इस मुद्दे को न्याय और मानवाधिकार के सवाल के रूप में उठाता है तो उसे केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहना चाहिए. विपक्ष को जातीय और राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए.
गौरतलब है कि बिहार सरकार पहले ही इस पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से न्यायिक जांच कराने का फैसला कर चुकी है. सरकार का कहना है कि जांच के जरिए घटना के सभी पहलुओं की पारदर्शी पड़ताल की जाएगी.
अब निगाहें न्यायिक जांच पर टिकी हैं. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मुठभेड़ को लेकर लगाए जा रहे आरोपों में कितनी सच्चाई है. फिलहाल इस मामले ने बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है और विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर बना हुआ है.