चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय (TVK) को अपने फैसले पर पहला बड़ा झटका लगा है. मद्रास हाईकोर्ट ने करूर भगदड़ में मारे गए 31 लोगों के परिवारजनों को सरकारी नौकरी देने के CM के आदेश को रद्द कर दिया है.
जस्टिस सी.वी. कार्तिकेयन और जस्टिस आर. शक्तिवेल की डिवीजन बेंच ने जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि ये नियुक्तियां अस्थायी होंगी और न्यायिक समीक्षा के अधीन रहेंगी. 10 जुलाई को सीएम विजय ने करूर भगदड़ के पीड़ित परिवारों को खुद अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपे थे.
इस मौके पर विजय भावुक भी हो गए थे. डीएमके ने उस समय इस फैसले पर सवाल उठाए थे. 27 सितंबर 2025 को तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) की रैली के दौरान भारी भीड़ और भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी.
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप रखी है. यह फैसला TVK सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. कोर्ट ने महीने के अंत तक मुख्य मुद्दे पर सुनवाई करने की बात कही है, ताकि पीड़ित परिवारों को समय पर सैलरी मिल सके.