मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक पशु मेले के दौरान भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव के लाइव शो में अचानक हंगामा हो गया. बुधवार शाम को जैसे ही खेसारी मंच पर पहुंचे और गाना शुरू करने वाले थे, भीड़ में हूटिंग शुरू हो गई. कुछ लोगों ने स्टेज की तरफ जूते-चप्पल फेंकने शुरू कर दिए. इसके बाद माहौल पूरी तरह बिगड़ गया. दर्शकों के बीच झगड़ा भड़क उठा, तोड़फोड़ होने लगी और लात-घूसे चलने शुरू हो गए. हालात काबू से बाहर होते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. इस दौरान तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए.
क्या था पूरा मामला?
मुजफ्फरपुर के गरहा इलाके में आयोजित इस पशु मेले में खेसारी लाल यादव का कार्यक्रम पहले से तय था. मेले में भारी भीड़ जमा थी. अनुमान था कि 30-40 हजार लोग आएंगे, लेकिन कार्यक्रम के समय एक से डेढ़ लाख लोगों की भीड़ पहुंच गई. जैसे ही खेसारी स्टेज पर चढ़े, कुछ लोगों ने हूटिंग की और जूते-चप्पल फेंके.
इससे दर्शक दीर्घा में अफरा-तफरी मच गई. लोग कार्यक्रम छोड़कर भागने लगे और आयोजकों को शो बीच में ही रोकना पड़ा. सोशल मीडिया पर इस घटना के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें भीड़ को काबू में लाने के लिए पुलिस का लाठीचार्ज साफ दिख रहा है.
दो दिन पहले भी हुई थी मारपीट
चौंकाने वाली बात यह है कि दो दिन पहले इसी स्टेज पर महिला डांसर्स के बीच भी झगड़ा हो चुका था. यह पशु मेला औराई विधानसभा क्षेत्र के पूर्व भाजपा विधायक रामसूरत राय द्वारा कई सालों से आयोजित किया जा रहा है. मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने कहा कि मेला प्रबंधन की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी. उन्होंने बताया कि प्रबंधन ने पहले 30-40 हजार लोगों की जानकारी दी थी, लेकिन असल में भीड़ बहुत ज्यादा थी. इस वजह से पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी.
अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हूटिंग और जूते-चप्पल फेंकने की शुरुआत किसने की और इसके पीछे क्या वजह थी. यह घटना भोजपुरी सिनेमा के लोकप्रिय कलाकार खेसारी लाल यादव के कार्यक्रम में हुई अशांति की ताजा मिसाल है, जिसमें सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं.