नई दिल्ली: हरियाणा के यमुनानगर में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने पति और ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और मानसिक यातना का आरोप लगाया है. पीड़िता के मुताबिक, उसका पति अरुण शर्मा शादी के बाद से ही लगातार दहेज की मांग करता रहा. उसने न केवल कार की डिमांड की, बल्कि अपने प्रमोशन के लिए पत्नी पर अपने ऑफिस के सीनियर के साथ यौन संबंध बनाने के लिए भी कहा. वहीं, जब महिला ने इसका विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की और घर से निकाल दिया. इतना ही नहीं उसके दो छोटे बच्चों को उससे छीन लिया गया.
शादी और दहेज की मांग
महिला ने पुलिस शिकायत में कहा कि उसकी शादी 9 दिसंबर 2020 को हिंदू रीति-रिवाजों से अरुण शर्मा के साथ हुई थी. विवाह में उसके परिवार ने करीब 7 लाख रुपए खर्च किए और सोने-चांदी के जेवरात भी दहेज में दिए. लेकिन ससुराल वालों ने इन जेवरों को अपने पास रख लिया और और दहेज की मांग शुरू कर दी. खास तौर पर, ससुराल वालों ने कार की मांग की और महिला को इसके लिए बार-बार ताने दिए गए.
पति की क्रूरता और अनैतिक दबाव
पीड़िता का कहना है कि पिछले एक साल से अरुण शर्मा उससे मारपीट करता था, गालियां देता था और घर के खर्च के लिए पैसे तक नहीं देता था. इतना ही नहीं, उसने अपने ऑफिस के सीनियर और दोस्त अमन के साथ संबंध बनाने का दबाव डाला ताकि उसे प्रमोशन मिल सके. महिला ने जब इसका विरोध किया, तो उसे और यातना दी गई. उसने यह भी बताया कि ससुराल में हरशिव नाम के एक व्यक्ति ने उसके साथ अश्लील हरकतें कीं, लेकिन जब उसने इसकी शिकायत की, तो पति ने उल्टा उसे ही सजा दी.
बच्चों को छीनने की घटना
इसी बीच 25 दिसंबर 2024 को एक समझौते तहत महिला वापस अपने ससुराल आ गई थी, लेकिन वहां फिर से दहेज की मांग को लेकर मारपीट हुई. इसके बाद 3 जनवरी 2025 को उसे घर से निकाल दिया गया और उसके एक साल के बेटे और ढाई साल की बेटी को उससे छीन लिया गया. तब से वह अपने मायके में रह रही है और अपने बच्चों को वापस पाने के लिए संघर्ष कर रही है.
पुलिस कार्रवाई
महिला की शिकायत पर पुलिस ने अरुण शर्मा और ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट, मानसिक यातना और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है. जांच अधिकारी एसआई मीना ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी.