लखनऊ : उत्तर प्रदेश की सियासत में बसपा सुप्रीमो मायावती और उनके भतीजे आकाश आनंद को लेकर एक बार फिर बड़ा राजनीतिक संदेश सामने आया है. मायावती ने आकाश आनंद की राजनीतिक भूमिका पर साफ कर दिया है कि फिलहाल उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी. मायावती के मुताबिक, आकाश आनंद में अभी राजनीतिक परिपक्वता की कमी है और उन्हें पूरी तरह मैच्योर होने की जरूरत है.
यह बयान ऐसे वक्त आया है जब बसपा 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई है. गुरुवार को मायावती लखनऊ में देशभर के बसपा पदाधिकारियों के साथ बैठक कर संगठन और चुनावी रणनीति पर मंथन कर रही हैं. बैठक में राज्यों के पदाधिकारियों से फीडबैक लिया जा रहा है और आगे की रणनीति पर चर्चा हो रही है.
मायावती के ताजा रुख से आकाश आनंद की राजनीतिक स्थिति को लेकर फिर सवाल खड़े हो गए हैं. खास बात यह है कि हाल के महीनों में आकाश को लेकर तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही थी. जुलाई में मायावती ने स्पष्ट किया था कि उम्मीदवारों के चयन का अंतिम फैसला उनका होगा, जबकि आकाश को संगठन और चुनावी जनसभाओं की जिम्मेदारी दी गई थी.
अब एक बार फिर मायावती ने उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी के दरवाजे बंद करने का संकेत दिया है. इससे बसपा के भीतर आकाश की भूमिका और भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. 2027 के चुनाव से पहले यह फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि आकाश को कभी मायावती का राजनीतिक उत्तराधिकारी और पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया था, हालांकि उनके राजनीतिक सफर में कई बार उतार-चढ़ाव आए हैं.
ऐसे में सवाल यही है कि क्या आकाश आनंद की राजनीति फिलहाल हाशिए पर जा रही है या मायावती उन्हें लंबी राजनीतिक पारी के लिए तैयार कर रही है. बसपा की आगे की रणनीति से इसका जवाब साफ होगा.