अयोध्या: राम मंदिर दान घोटाले की विवादित घटना के कुछ महीनों बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. ट्रस्ट ने बुधवार (2 सितंबर) को अपने पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को नियुक्त किया है.
एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा वह अधिकारी हैं, जिन्होंने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के वेस्टर्न एयर कमांड का नेतृत्व किया था. उन्होंने अप्रैल 2026 में रिटायरमेंट लिया था. अपनी नियुक्ति को उन्होंने “भगवान का आदेश” बताया और कहा कि यह देश की सेवा का एक और अवसर है.
मिश्रा ने कहा, “भगवान ने मुझे वर्दी में 39-40 साल तक देश की सेवा का मौका दिया. रिटायरमेंट के कुछ महीनों बाद ही भगवान ने मुझे एक और अवसर दिया है. मैं इसे श्री राम की कृपा मानता हूं. हजारों उम्मीदवारों में से मुझे चुना जाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है. मैं प्रार्थना करता हूं कि भगवान मुझे इस जिम्मेदारी को सही तरीके से निभाने की क्षमता दें.”
कौन हैं जीतेंद्र मिश्रा?
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के मूल निवासी जीतेंद्र मिश्रा ने दिसंबर 1986 में फाइटर पायलट के रूप में भारतीय वायुसेना में कमीशन लिया था. उनके पास 3,000 घंटे से ज्यादा का उड़ान अनुभव है. वे फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट रहे हैं. ऑपरेशन सिंदूर में उनकी भूमिका के लिए उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था. ट्रस्ट को इस पद के लिए 5,585 आवेदन मिले थे. चयन समिति ने कई चरणों में स्क्रीनिंग, ऑनलाइन इंटरव्यू और अयोध्या में व्यक्तिगत मुलाकात के बाद तीन नाम शॉर्टलिस्ट किए, जिनमें से मिश्रा को चुना गया.
CEO के मुख्य काम?
नए CEO को मंदिर की दिन-प्रतिदिन की प्रशासनिक व्यवस्था, तीर्थयात्रियों की सुविधाएं, सुरक्षा समन्वय, वित्तीय प्रबंधन, स्टाफ समन्वय, बड़े धार्मिक आयोजनों का प्रबंधन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. दान घोटाले के बाद ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था को और पारदर्शी व मजबूत बनाना उनका सबसे बड़ा कार्य होगा.
ट्रस्ट ने इसी बैठक में तीन नए ट्रस्टी भी नियुक्त किए हैं और गोविंद देव गिरि को पूर्णकालिक महासचिव बनाया गया है. यह कदम ट्रस्ट को पेशेवर प्रबंधन की ओर ले जाने वाला माना जा रहा है. एयर मार्शल मिश्रा अब युद्ध के मैदान से निकलकर राम भक्तों की सेवा में जुटेंगे. उनका कहना है कि वे इस नई भूमिका को पूरी ईमानदारी और समर्पण से निभाएंगे.