Modi Cabinet Expansion : दिल्ली की सियासत में इन दिनों सबसे बड़ी चर्चाओं में एक नाम है नितिन गडकरी. संभावित मंत्रिमंडल विस्तार से पहले सवाल उठ रहे हैं कि क्या मोदी सरकार में सबसे लंबे समय तक हाई-प्रोफाइल मंत्रालय संभालने वाले गडकरी का राजनीतिक कद घटने वाला है. हो सकता है कि उनकी राजनीतिक पारी को पूर्ण विराम लग जाए.
चर्चा की पहली वजह 2024 लोकसभा चुनाव के बाद का घटनाक्रम है. बीजेपी की नई संगठनात्मक और संसदीय संरचना में गडकरी की भूमिका को लेकर कई तरह की अटकलें लगीं. दूसरी ओर, गडकरी के कई सार्वजनिक बयान जिनमें उन्होंने राजनीति को समाज सेवा से जोड़ने, नेताओं के मूल्यांकन और सत्ता की संस्कृति पर खुलकर अपनी राय रखी. सियासी गलियारों में खूब चर्चा का विषय बने.
इसी बीच कई एक्सप्रेसवे परियोजनाओं में निर्माण गुणवत्ता, सड़क धंसने और टोल व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए. एथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर गडकरी लगातार मुखर रहे. उन्होंने पेट्रोल पर निर्भरता कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए एथेनॉल मॉडल का जोरदार समर्थन किया, लेकिन यह फेल नजर आ रहा है. एथेनॉल को लेकर लंबे स्तर पर विरोध हो रहा है.
हालांकि, इन तमाम चर्चाओं के बीच एक बड़ा तथ्य यह भी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई मंचों से गडकरी के इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल और सड़क निर्माण की गति की सराहना की है. बीजेपी या केंद्र सरकार की ओर से उन्हें हटाने का कोई आधिकारिक संकेत अब तक नहीं दिया गया है. यानी फिलहाल गडकरी की विदाई की चर्चा सिर्फ राजनीतिक गलियारों तक सीमित है। असली तस्वीर तभी साफ होगी जब मोदी सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार होगा, उससे पहले दिल्ली में चल रही यह पूरी सियासी कुश्ती सिर्फ बाबुओं की कुश्ती मानी जाएगी.