नई दिल्ली : बीजेपी संगठन में हालिया बदलाव के बाद अब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में भी बड़े फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है. मोदी कैबिनेट को चुनावी और प्रशासनिक जरूरतों के हिसाब से नए सिरे से संतुलित करने पर मंथन चल रहा है. हालांकि, अभी तक प्रधानमंत्री कार्यालय या केंद्र सरकार की ओर से कैबिनेट विस्तार को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.
चर्चा है कि संभावित फेरबदल में 16 से 17 नए चेहरों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है. खासतौर पर युवा नेताओं, महिलाओं, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सहयोगी दलों को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों को मौका दिए जाने की अटकलें हैं. कुछ मौजूदा मंत्रियों के प्रदर्शन की समीक्षा के बाद उनकी जिम्मेदारियां भी बदली जा सकती हैं.
सबसे ज्यादा चर्चा केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को लेकर है. फिलहाल उनके पास रेल मंत्रालय के साथ सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भी हैं. उनके प्रदर्शन को देखते हुए कद बढ़ने या और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई गई है.
दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के विभाग में बदलाव की अटकलें भी सामने आई हैं. वर्तमान में वह सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय संभाल रहे हैं. हालांकि, गडकरी को किसी दूसरे रणनीतिक मंत्रालय में भेजे जाने की बात फिलहाल सिर्फ राजनीतिक चर्चा और मीडिया अटकलों तक सीमित है.
इस संभावित बदलाव के पीछे 2027 के विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनाव की रणनीति को अहम माना जा रहा है. खासकर उत्तर प्रदेश, पंजाब और अन्य चुनावी राज्यों में संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल पर जोर हो सकता है. ऐसे में अगर फेरबदल होता है तो यह सिर्फ मंत्रियों के विभाग बदलने तक सीमित नहीं, बल्कि मोदी सरकार की आगामी चुनावी रणनीति का बड़ा संकेत भी माना जाएगा.