नई दिल्ली : नेपाल में भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बीच प्रधानमंत्री बालेन शाह ने भारत और चीन का आभार जताया है. उन्होंने कहा कि दोनों पड़ोसी देशों ने संकट की घड़ी में समय पर राहत सामग्री, तकनीकी टीमें और जरूरी आपात सहायता उपलब्ध कराई. नेपाल में बड़े पैमाने पर चल रहे राहत और बचाव अभियान के बीच भारत और चीन की मदद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
प्रधानमंत्री बालेन शाह के मुताबिक, भारत की ओर से राहत सामग्री की पांचवीं खेप नेपाल पहुंचाई गई है, इसमें आपदा प्रभावित लोगों के लिए जरूरी सामान शामिल है. इसके अलावा भारतीय विशेषज्ञ और राहत टीमें भी बचाव अभियान में सहयोग कर रही हैं. खास तौर पर सुरंगों में चल रहे सर्च ऑपरेशन में भारतीय टीमें स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं.
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई इलाकों में बड़ी संख्या में लोग लापता हुए हैं.कई जगह सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने से राहत पहुंचाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. ऐसे में सुरंगों और दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों की तलाश के साथ-साथ बरामद शवों की पहचान में भी भारतीय टीमें मदद कर रही हैं. इससे परिजनों को अपनों के बारे में जानकारी हासिल करने में सहायता मिल रही है.
वहीं, चीन ने भी नेपाल के राहत अभियान में महत्वपूर्ण सहयोग किया है. चीन ने ग्यिरोंग बॉर्डर तक जाने वाले हाईवे को खोल दिया है, जिससे राहत और जरूरी सामान की आवाजाही आसान हुई है। सीमा मार्ग खुलने के बाद प्रभावित क्षेत्रों तक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है.
बालेन शाह ने भारत और चीन के सहयोग को नेपाल के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए दोनों देशों का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि संकट के समय पड़ोसी देशों की ओर से मिली तत्काल सहायता राहत एवं बचाव अभियान को मजबूत करने में मदद कर रही है. आपदा के बाद नेपाल अब प्रभावित क्षेत्रों में राहत, खोज और पुनर्वास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है.