मोईद खान को छुड़ाने के लिए क्या परिवार कोई नया प्रपंच रच रहा है या फिर किसी वकील के कहने पर इस तरह के बयान दिलवाए जा रहे हैं. जमीन कब्जाने वाला, लोगों को भड़काने वाला और दशहरे पर माहौल बिगाड़ने के चक्कर में जेल जाने वाला मोईद खान घरवालों के लिए दूध का धूला कैसे हो गया. मोईद खान की बीवी ने जो खुलासा किया है, वो इतना हैरान करने वाला है कि आप सुनकर कहेंगे, हे प्रभु ये क्या बोल रही है. जब मीडिया वाले मोईद खान की करीब 50 साल की बीवी से पूछते हैं कि पूरी कहानी क्या है, तो वो कहती है... हमारे शौहर तो बेकसूर हैं, उनकी गलती बस इतनी है कि उन्होंने सीतापुर के राजू खान को अपनी बेकरी में नौकरी पर रखा, इस लड़की का राजू से ही अफेयर था.
अगर लड़की के घरवाले कुछ बताते तो हम राजू से बात करते, राजू के घरवालों से बात करते, लेकिन ये हमारे खिलाफ साजिश रच रहे हैं, एक न एक दिन सारा सच सामने जरूर आएगा. मोईन खान का समर्थन करने वाले लोग ये तक कहते हैं कि लड़की के घरवाले उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं, लेकिन सवाल ये है कि 12 साल की नाबालिग क्या झूठ बोलेगी. अगर कोई उसकी हालत पर भी तरस खाए तो शायद इस तरह की बातें नहीं करेगा. मोईद खान की बीवी हों या उसकी बेटी, सब ये जरूर कह रहे हैं कि उनके शौहर और अब्बू निर्दोष हैं.
पर वो ये नहीं बता पा रहे हैं कि उस बेकरी में राजू उस लड़की को लेकर गया क्यों और मोईद उस वक्त वहां क्या कर रहा था और दो महीने तक किसी को ये पता क्यों नहीं चला, जो नई थ्योरी सामने आई है उसके मुताबिक राजू उस लड़की को पहले से जानता था और मोईन खान के पास वो उसे काम दिलवाने के बहाने ले गया था. पहले मोईद ने भी कहा कि मैं तुम्हें काम पर रख लूंगा, लेकिन इसके बदले में मुझे क्या मिलेगा, इतना कहकर वो गलत हरकतें करता है और राजू भी कुछ नहीं बोलता, बल्कि वो वीडियो बनाता है.
हालांकि कौन सी थ्योरी सही है और कौन सी गलत ये अदालत में साबित होना है, पर नियम के मुताबिक 12 साल की लड़की को कोई नौकरी पर कैसे रख सकता है. गांव-घर में छोटे-मोटे कम उम्र के लोग भी करते हैं, इसलिए नियम का सवाल गांवों में ज्यादा नहीं उठता, फिलहाल मोईन के केस की जांच जो जांच अधिकारी कर रहे हैं. उनका साफ-साफ कहना है कि अभी कोई भी बयान देना ठीक नहीं होगा, शायद मोईन से सारे बड़े राज उगलवाने के बाद ही पुलिस मीडिया में कुछ कहना चाहेगी, पर पुलिस के सामने मोईन कितनी बातें बताएगा और कितनी छिपाएगा ये देखने वाली बात होगी, क्योंकि एक तरफ एक पूरा ग्रुप मोईन खान को बचाने में लगा है.
कोई डीएनए टेस्ट की मांग करता है, तो कोई कहता है मोईन खान को फंसाया गया है. अब पुलिस को अदालत में सबूत पेश करने हैं. मोईन जैसे आरोपियों को सजा दिलवाना है और ये समाज को ये संदेश देना है कि जो भी गलत करेगा, वो कानून की पकड़ से नहीं बच पाएगा. मोईद की बीवी और बेटी की बातों को सुनने के बाद हो सकता है थोड़ी देर के लिए आपके दिमाग में ये सवाल उठे कि क्या इसे फंसाया गया, पर सवाल ये भी तो हो सकता है कि क्या मोईन बाहर अय्याशी का अड्डा चला रहा था और उसके घरवाले भी इससे अनजान थे, क्योंकि अतीक के परिवार की तरह हर परिवार हर पाप में भागीदार हो ये जरूर तो नहीं.