मध्य प्रदेश : भोपाल में बीजेपी की प्रदेश कोर ग्रुप की बैठक हुई. बैठक में नए प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब और सह-प्रभारी रेखा वर्मा की मौजूदगी खास रही. लेकिन इसी बैठक को लेकर दो बड़े नामों की गैरमौजूदगी चर्चा में है. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा. बैठक की उपलब्ध रिपोर्टों में दोनों की मौजूदगी दर्ज नहीं है.
सिंधिया की गैरमौजूदगी को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है. इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगा कि उन्हें बैठक में बुलाया नहीं गया था या किसी कारण से वे शामिल नहीं हो सके. बीजेपी की ओर से भी ऐसी कोई सार्वजनिक जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे इसे संगठनात्मक नाराजगी से जोड़कर देखा जाए.
लेकिन नरोत्तम मिश्रा की गैरमौजूदगी जरूर इसलिए ज्यादा चर्चा में है, क्योंकि पिछले कुछ महीनों में दतिया को लेकर उनका नाम लगातार सुर्खियों में रहा है. दतिया उपचुनाव में बीजेपी ने नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था, इसके बाद उनके समर्थकों में नाराजगी सामने आई. बाद में मिश्रा ने पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार किया, लेकिन बीजेपी दतिया सीट कांग्रेस से हार गई.
इसके बाद बीजेपी ने दतिया की पूरी जिला संगठन इकाई को भंग कर दिया. पार्टी ने हार के कारणों की समीक्षा के लिए जांच कमेटी भी बनाई. यही वजह है कि भोपाल की बैठक में नरोत्तम मिश्रा के नजर नहीं आने को लेकर सियासी गलियारों में सवाल उठना स्वाभाविक है. हालांकि, अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक बयान नहीं है कि उन्हें बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया था.
दिलचस्प यह भी है कि 28 सितंबर को ही नरोत्तम मिश्रा शिवपुरी में एक ब्राह्मण सम्मेलन में नजर आए थे और उन्होंने बीजेपी में ब्राह्मणों की भूमिका पर भी बात की थी. ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या यह सिर्फ बैठक से गैरमौजूदगी है या मध्य प्रदेश बीजेपी के भीतर बदलते समीकरणों का कोई संकेत. फिलहाल इसका जवाब संगठन की तरफ से सामने नहीं आया है.