नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के एक छोटे से गांव तिसोतरा में बीते दिनों जो कुछ हुआ, उसे सुनकर रूह कांप जाएगी. गांव का 30 साल का युवक सौरभ तोमर 12 नवंबर की दोपहर अचानक गायब हो गया. परिजनों ने रात में नांगल थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई. अगले ही दिन गन्ने के खेत में उसका शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया.
शुरुआत में तो पुलिस को लगा कि शायद कोई जंगली जानवर (गुलदार) ने हमला कर दिया हो, क्योंकि शरीर पर गहरे घाव थे. लेकिन जब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई तो सभी के होश उड़ गए. रिपोर्ट में साफ लिखा था कि सौरभ की मौत सिर और गर्दन पर तेज धार हथियार से हुए वार से हुई है, यह हत्या थी, कोई दुर्घटना या जानवर का हमला नहीं. पुलिस ने जब गहराई से छानबीन शुरू की और परिजनों से सख्ती से पूछताछ की तो सच सामने आया कि हत्यारा कोई और नहीं, सौरभ का अपना ससुर यानी पिता सुभाष तोमर ही था.
पूछताछ में सुभाष तोमर ने जो खुलासा किया, उसे सुनकर पुलिस वाले भी स्तब्ध रह गए. सुभाष ने कबूल किया कि उसका अपनी बहू (सौरभ की पत्नी) के साथ काफी समय से अवैध संबंध था. सौरभ को यह बात पता चल गई थी और वह लगातार इसका विरोध करता था, घर में रोज कलह रहती थी. गुस्से और डर से भरकर सुभाष ने बेटे को ही खत्म करने का प्लान बना लिया.
12 नवंबर को दोपहर करीब 2 बजे उसने सौरभ को गन्ने के खेत में बुलाया. पहले उसने तमंचे से गोली चलाई, लेकिन गोली लक्ष्य से चूक गई. सौरभ जैसे ही जान बचाकर भागने लगा, सुभाष ने दौड़कर फावड़ा उठाया और उसके सिर व गले पर कई वार कर दिए. मौके पर ही सौरभ की मौत हो गई.
हत्या के दो दिन बाद 14 नवंबर को सुभाष खुद थाने पहुंचा और बेटे के लापता होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई ताकि शक उस पर न जाए. लेकिन पुलिस की तफ्तीश के आगे उसकी एक न चली. पूछताछ में टूट गया और उसने सारा जुर्म कुबूल कर लिया. फिलहाल पुलिस ने सुभाष तोमर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. गांव वाले आज भी इस घटना की चर्चा करते नहीं थकते और हर कोई यही कह रहा है कि रिश्तों की यह हैवानियत शायद ही पहले कभी देखी हो.