नई दिल्ली: गुरुवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया. जम्मू-कश्मीर के प्रमुख शिया नेता और अंजुमन-ए-शरी-ए-शियान के प्रमुख आगा सैयद हसन मुसावी को ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के जनाजे में शामिल होने के लिए तेहरान जाने से रोक दिया गया.
उनके बेटे और पीडीपी विधायक आगा मुंतजिर मेहदी ने दावा किया कि इमिग्रेशन अधिकारियों ने उनके पिता के सामने साफ शर्त रखी, ''भारत सरकार के आधिकारिक रुख के खिलाफ कुछ न बोलें, कश्मीर में हुई गिरफ्तारियों पर कोई चर्चा न करें, तभी ईरान जाने की अनुमति मिलेगी.'' आगा हसन ने अधिकारियों से कहा कि वे केवल जनाजे में शामिल होने जा रहे हैं और वहां कोई भाषण नहीं देंगे, लेकिन शर्त मानने से साफ इनकार कर दिया. इसके बाद उनके पासपोर्ट को जब्त कर लिया गया और आगे की कार्रवाई के लिए श्रीनगर के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी (RPO) को ‘सीजर मेमो’ भेज दिया गया.
पांच नेताओं को मिला था न्योता
आगा हसन जम्मू-कश्मीर से आमंत्रित पांच प्रमुख नेताओं में शामिल थे. अन्य नेताओं में आगा रूहुल्लाह मेहदी, इमरान अंसारी, सैयद हादी और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती शामिल हैं. महबूबा मुफ्ती और इमरान अंसारी को विशेष विमान से जाने की अनुमति मिल गई, जबकि आगा हसन को रोका गया.
आगा हसन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस (मीरवाइज उमर फारूक गुट) के कार्यकारी सदस्य रह चुके हैं. उनका बेटा मुंतजिर मेहदी बदगाम विधानसभा सीट से विधायक हैं. यह घटना ईरान-भारत संबंधों और कश्मीर के शिया नेताओं की विदेश यात्राओं को लेकर नई बहस छेड़ सकती है. फिलहाल आगा हसन की ईरान यात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई है.