मुजफ्फरनगर में जब एटीएस कमांडो मोर्चा संभाले खड़े थे, योगी कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा करवा रहे थे, महाशिवरात्रि पर हर तरफ हर-हर महादेव के नारे की गूंज सुनाई दे रही थी, तब हापुड़ में बड़ा हंगामा खड़ा हो गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया. ये वीडियो अभय प्रताप सिंह नाम के यूजर ने अपने ट्विटर पर अपलोड किया है, जिसमें कुछ कांवड़ियों और पुलिस के बीच बहस होती नजर आ रही है, लोग बोल क्या रहे हैं, ये साफ समझ नहीं आ रहा, पर पता चल रहा है कि कांवड़ के अपमान से कांवड़िए आक्रोशित हैं.
विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष सुधीर अग्रवाल के हवाले से ''आज तक'' लिखता है ''एक कांवड़िये पर मदरसे के सामने थूका गया और चैलेंज किया गया कि 'हम यही करेंगे, अगर रोक सके, तो रोक ले. ऐसे आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना, जो कांवड़ यात्रा में विघ्न डाल रहे हैं. ऐसे करने वाले लोग कौन हैं, क्या उन्हें ये नहीं पता योगी का आदेश है कांवड़ियों के रास्ते में नहीं आना है, क्या ये माहौल खराब करना चाहते हैं.
हापुड़ के अपर पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर बताते हैं ''हापुड़ के तगासराय से कांवड़िए गुजर रहे थे, तभी इसमें शामिल कुछ लोगों ने कहा कि बड़े मदरसे के पास किसी ने कांवड़ का अपमान किया, सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और सबको समझा-बुझाकर शांत किया. जिसने भी ऐसा किया है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
पर ये पहली बार नहीं है, जब यूपी में इस तरह की घटनाएं हो रही हैं. सपा सरकार में तो कांवड़ियों के डीजे बजाने तक पर बैन था, योगी का एक बयान सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वो ये कहते हुए सुने जा सकते हैं कि हेलीकॉप्टर सिर्फ कांवड़ियों पर फूल बरसाने के लिए नहीं दिया है, बल्कि कांवड़ियों को अगर कोई नुकसान पहुंचाए तो उसका ऊपर से ही काम तमाम कर देना.
हालांकि इस वायरल युग में हम इस बयान की पुष्टि नहीं करते, बस इतना बता सकते हैं कि योगीराज में कांवड़ियों और कांवड़ यात्रा दोनों की तस्वीर काफी हद तक बदल चुकी है. अब की सरकार कांवड़ियों के बारे में इतना सोचती है कि वो खाने-पीने का दुकान सही जगह से खरीदें इसका भी ख्याल रखती है. नेमप्लेट जैसा आदेश जारी करती है, जिससे देशभर में सवाल खड़े होते हैं.
सुप्रीम कोर्ट इस फैसले पर रोक लगा देती है, लेकिन योगी आदित्यनाथ इस फैसले का लोग इतना समर्थन करते हैं कि वो खुद ही दुकानों के बाहर नेम प्लेट लगाने लगते हैं, जो ये बताता है कि देश सद्भावना के रास्ते से चलेगा ना कि इस तरह की हरकतों से. कांवड़ का अपमान करने वाला चाहे कोई भी हो, उसे सजा मिलनी चाहिए.
सोशल मीडिया पर कुछ कांवड़ियों के वेश में उपद्रव करने वालों की तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं, जिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं, और उन्हें योगी ने भी सख्त भाषा में समझाया है. जो ये बताता है योगी का कानून जाति, मजहब या पंथ देखकर काम नहीं करता, बल्कि अपराध की प्रवृत्ति देखकर काम करता है. यात्रा हो या जुलूस हर किसी को इस देश में शांति से अपने धर्म की पालन करने की आजादी है, फिर ऐसी हरकतें करने वालों को ये बात समझ क्यों नहीं आती.