जब सीएम योगी अयोध्या में दिवाली मना रहे थे, बाबा बागेश्वर किस बात पर गुस्सा हो रहे थे, उतार दी मौलाना की गर्मी!

Abhishek Chaturvedi 31 Oct 2024 04:31: PM 2 Mins
जब सीएम योगी अयोध्या में दिवाली मना रहे थे, बाबा बागेश्वर किस बात पर गुस्सा हो रहे थे, उतार दी मौलाना की गर्मी!

अयोध्या में जब सीएम योगी भगवान का राजतिलक कर रहे थे, इस वर्ष को अद्भूत, अनुपम और अलौकिक बता रहे थे, तब अयोध्या से 1500 किलोमीटर मुंबई से एक ऐसी तस्वीर सामने आती है, जिसे देखकर हर सनातनी को गुस्सा आ जाएगा, और वो यही पूछेगा कि हिंदुस्तान में नहीं तो क्या पाकिस्तान में दीवाली मनाएंगे, क्या अब हिंदुओं को अपना त्यौहार मनाने के लिए मौलानाओं से इजाजत लेनी होगी, ये वीडियो देखकर बाबा बागेश्वर से लेकर तमाम संतों तक को गुस्सा आ गया और बाबा बागेश्वर ने तो एक मौलाना की ऐसी गर्मी उतारी कि अब वो जिंदगीभर सनातन पर सवाल नहीं उठाएगा, लेकिन बाबा बागेश्वर का रौद्र रूप दिखाएं, उससे पहले मुंबई से आया ये वीडियो देखिए.

जो भाईसाहब वीडियो में दिख रहे हैं, ये किसके दम पर इतना उछल-कूद कर रहे हैं ये भी समझना जरूरी है. पूरा वीडियो नवी मुंबई की एक सोसायटी का बताया जा रहा है, जहां के चेयरमैन मुस्लिम हैं, और उन पर महिलाओं से अभद्रता का भी आरोप लगा है. तो क्या उनके दम पर ही मुस्लिम समाज के दो लोग हिंदुओं को दीवाली मनाने से रोकने लगे, और वो भी ये तर्क देकर कि जब सार्वजनिक तौर पर बकरीद की कुर्बानी नहीं हो सकती, तो फिर फ्लैट की बालकनी और सोसायटी की सार्वजनिक जगहों पर लाइटिंग नहीं होगी. ऐसे तो किसी समाज का जुलूस या शोभायात्रा भी नहीं निकल पाएगा, बाबा बागेश्वर तो खुलकर कहते हैं पटाखों से प्रदूषण का ज्ञान देने वाले, बाकी त्यौहारों पर क्यों नहीं बोलते.

बाबा बागेश्वर के इस बयान पर बरेली के मौलाना तौकीर रजा पर्यावणरविद् बन जाते हैं, कुछ एजेंडाधारी सरयू नदी में मगरमच्छ और मछलियों वाला ज्ञान देने लगते हैं. जर्मनी में बैठे मशहूर यूट्बूर ये तक कहने लगते हैं कि दीवाली तो रोशनी का ही त्यौहार है, लेकिन इसमें ‘सबको शामिल करना’ भी जरूरी है। क्या अंधेरे में रहने वाले लोगों से उनकी सहमति ली गई थी?” उसने अपने फॉलोअर्स से ये तक कहा कि वे इस ‘अन्याय’ के खिलाफ याचिका डालें ताकि इस पर रोक लग सके। सरयू नदी में रहने वाली मछलियाँ और मगरमच्छ इतनी रोशनी से ‘ट्रॉमेटाइज्ड’ यानी घबरा गए होंगे। वाकई रोशनी इतनी है कि सनातन विरोधियों की आंखें चौधियां जाएंगी, पर जो सनातन को मानता है ये बात वही समझ पाएगा कि 500 साल बाद प्रभु राम का वनवास खत्म हुआ है, पहली बार अयोध्या में दीप जलने का रिकॉर्ड बना है, और योगी कहते हैं ये दीये नहीं बल्कि सनातन धर्म का विश्वास हैं और जो तस्वीर आज अयोध्या की है, वही काशी और मथुरा की होनी चाहिए, अयोध्यावासियों को आगे आना होगा.

सीएम योगी के इस बयान में वो दर्द भी छिपा है, जब अयोध्यवासियों ने मंदिर बनने के बाद बीजेपी को हरा दिया, और सपा के एक ऐसे नेता को वहां से सांसद बना दिया, जिन्हें अखिलेश यादव अयोध्या के राजा कह बैठे, पर आज अवधेश प्रसाद को भी ये समझ आ गया होगा कि अयोध्या के राजा तो प्रभु श्रीराम ही हैं, उनके अलावा कोई और नहीं हो सकता.

Ayodhya Ayodhya Diwali 2024 CM Yogi Baba Bagheshwar

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