नई दिल्ली: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेताओं ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और पार्टी प्रमुख एवं उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पास रहे विभागों पर दावा प्रस्तुत किया, जिनकी बुधवार को एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी. वरिष्ठ एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और छगन भुजबल फडणवीस के 'वर्षा' बंगले पर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रमुख कैबिनेट पदों पर नियंत्रण बनाए रखने की मांग की.
एनसीपी जल्द ही एक औपचारिक पत्र सौंपने वाली है, जिसमें अजित पवार के पास रहे महत्वपूर्ण विभागों वित्त, राज्य उत्पाद शुल्क और खेल को पार्टी कोटे में ही रखने की मांग की जाएगी. मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में पटेल ने कहा कि पार्टी इस पद को जल्द से जल्द भरना चाहती है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी फैसला जनभावनाओं को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा.
उन्होंने कहा, ''हम महायुति गठबंधन के साझेदार हैं, इसलिए अजित पवार के पद को जल्द से जल्द भरने का सही फैसला लेना होगा. साथ ही, मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि जनभावना (जनता की भावनाओं) को ध्यान में रखना जरूरी है. हमें परिवार को शोक से उबरने के लिए कुछ समय देना चाहिए. हम जल्द ही सुनेत्रा पवार और परिवार के साथ पार्टी के भविष्य के रास्ते पर चर्चा करेंगे.''
अजित पवार की अचानक मौत से एनसीपी में कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिससे शरद पवार के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी गुट के साथ संभावित विलय की अटकलें फिर से तेज हो गई हैं. इससे पार्टी के भविष्य के नेतृत्व पर भी अनिश्चितता छा गई है, क्योंकि अजित पवार की मौत से एक बड़ा नेतृत्व का शून्य पैदा हो गया है. एनसीपी ने रविवार को विधायक दल की बैठक बुलाई है, जहां अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुने जाने की संभावना है. यह दल भाजपा और शिवसेना के साथ सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का हिस्सा है.
शनिवार की बैठक में पार्टी के नए अध्यक्ष के चुनाव पर भी फैसला होने की उम्मीद है. दोनों गुटों के विलय की अटकलें भी तेज हो गई हैं, जिसमें शरद पवार गुट के नेताओं का दावा है कि एनसीपी के विलय की बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी थी. पूर्व मंत्री और वरिष्ठ एनसीपी (एसपी) नेता अनिल देशमुख ने कहा कि दोनों गुटों का विलय अजित पवार की आखिरी इच्छा थी और इसे सम्मान दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में पूरा पवार परिवार एक साथ बैठकर सभी लंबित मुद्दों पर फैसला लेगा.
देशमुख ने कहा, ''अजित पवार दृढ़ता से मानते थे कि दोनों गुटों को एक होना चाहिए. मैं, जयंत पाटिल और अन्य नेताओं ने इस संबंध में कई बैठकें की हैं. अजित दादा निगम चुनावों के बाद विलय पर अंतिम फैसला लेना चाहते थे, लेकिन जिला परिषद चुनावों की घोषणा से प्रक्रिया में देरी हुई. हालांकि, वे विलय को लेकर 100 प्रतिशत आश्वस्त थे और आवश्यक कदम उठा चुके थे.'' शरद पवार गुट के एक अन्य नेता एकनाथ खडसे ने कहा कि विलय की बातचीत “लगभग अंतिम चरण” में थी और इसे औपचारिक रूप से घोषित करने की भी योजना थी.