पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना चल रही है और शुरुआती रुझानों ने पटना का सियासी पारा चढ़ा दिया है. आधिकारिक नतीजे अभी दूर हैं, मगर एनडीए की भारी बढ़त से जदयू मुख्यालय में दीवाली सरीखा माहौल बन गया है. जैसे ही गठबंधन आगे बढ़ता दिखा, बाहर पटाखों की आवाज़ गूंजने लगी और लड्डू की मिठास हवा में घुल गई.
सुबह से ही नेता-कार्यकर्ता टीवी से चिपके हुए थे. 11:30 बजे तक जदयू 75 सीटों पर आगे थी, भाजपा 82 पर मजबूत थी और चिराग पासवान की एलजेपी(आर) 22 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी. दोनों बड़े सहयोगी 101-101 सीटों पर लड़े थे, और यह प्रदर्शन एनडीए को आसानी से बहुमत की दहलीज पार कराता दिख रहा है.
जदयू नेता छोटू सिंह ने शोर के बीच मुस्कुराते हुए कहा, “हम छह महीने से जीत का जश्न मना रहे हैं. जनता ने नीतीश कुमार पर फिर भरोसा जताया. एनडीए यानी मोदी, नीतीश, चिराग, मांझी, कुशवाहा—सबको एक साथ वोट मिला है.” उन्होंने जोश में जोड़ा, “14 नवंबर के बाद विपक्ष घर में कैद हो जाएगा. नीतीश ही सीएम थे, हैं और रहेंगे.
बिहार को पुल, सड़क, अस्पताल चाहिए—ये नीतीश ने दिए. तेजस्वी क्या चीज़ हैं, बिल क्लिंटन भी पीछे छूट जाएंगे.” दफ्तर में ढोल की थाप गूंज रही है, बड़ी स्क्रीन पर हर अपडेट के साथ तालियां और नारे उठ रहे हैं. बाहर पुलिस तैनात है, मगर उत्साह शांतिपूर्ण है. इधर जदयू में खुशी का ठिकाना नहीं, उधर विपक्षी खेमे में सन्नाटा पसरा है. रुझान उनकी उम्मीदों पर पानी फेरते दिख रहे हैं.