नई दिल्ली: अपनी सियासी व्यंग्य गीतों और बेबाक टिप्पणियों से चर्चा में रहने वाली भोजपुरी लोकगायिका नेहा सिंह राठौर एक बार फिर सुर्खियों में हैं. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल 2025 में हुए आतंकी हमले के बाद उनके सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया. इन पोस्ट्स में कथित तौर पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर टिप्पणियां की गईं, जिन्हें कुछ लोग आपत्तिजनक मान रहे हैं.
लखनऊ के हजरतगंज थाने में दर्ज FIR के आधार पर पुलिस जांच कर रही है. आरोप है कि नेहा के कंटेंट से सांप्रदायिक वैमनस्य फैलने और राष्ट्रविरोधी माहौल बनने का खतरा था. शिकायतकर्ता अभय प्रताप सिंह ने दावा किया कि पोस्ट्स में एक खास समुदाय को लक्ष्य बनाया गया, जिससे समाज में तनाव बढ़ सकता था. इसी आधार पर हेट स्पीच और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ.
पुलिस ने नेहा को जांच में शामिल होने के लिए कई नोटिस जारी किए थे. पहले नोटिस पर उनकी तबीयत खराब होने की वजह से समय मांगा गया. बाद में घर पर नोटिस चस्पा किया गया. तीन जनवरी 2026 को नेहा अपने पति हिमांशु के साथ स्वेच्छा से हजरतगंज थाने पहुंचीं और बयान दर्ज कराया. पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है, बल्कि पूछताछ और जांच प्रक्रिया चल रही है. उनके पोस्ट्स, वीडियोज और बयानों की गहन पड़ताल की जा रही है.
नेहा के पति हिमांशु ने मीडिया को बताया कि वे नोटिस का पालन करने आए हैं और नेहा हिरासत में नहीं हैं. उन्होंने कहा कि पहले नोटिस के समय स्वास्थ्य कारणों से सूचना दी गई थी.
यह मामला अभिव्यक्ति की आजादी बनाम जिम्मेदार भाषा के बीच की बहस को फिर से गरमा दिया है. नेहा के समर्थक इसे सरकार की आलोचना करने का लोकतांत्रिक हक बता रहे हैं, जबकि विरोधी संवेदनशील मुद्दों पर संयम की जरूरत पर जोर दे रहे हैं. फिलहाल जांच जारी है और सभी कानूनी पहलुओं को देखते हुए आगे की कार्रवाई तय होगी. आने वाले दिनों में पुलिस की अंतिम रिपोर्ट से मामले की दिशा स्पष्ट हो सकती है.