अभिषेक चतुर्वेदी
यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा (UP Police Recruitment Exam) पर क्या फिर से पेपर लीक (Paper Leak) का साया मंडरा रहा है. दोबारा से पेपर लीक न हो, उसके लिए सरकार ने क्या इंतजाम किए हैं, हर सेंटर पर बुलडोजर, 1 करोड़ की वसूली और 10 साल की जेल वाली बात क्यों चर्चा में है. अगर आपके घर से कोई परीक्षा देने जा रहा है, तो क्या उसे परीक्षा सेंटर तक बस फ्री मिलेगी, ये वो सवाल हैं, जिनका सीधा सरोकार आपसे है, तो एक-एक कर अपने मतलब की बात जान लीजिए.
यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल (UP Police Constable) के 60 हजार 244 पदों के लिए जो परीक्षा फरवरी में हुई थी, वो अब अगस्त महीने में होगी. हर दिन परीक्षा दो पालियों में होगी, एक पाली में करीब 6 लाख अभ्यर्थी परीक्षा देंगे. 23, 24 और 25 अगस्त को पहले चरण में परीक्षा होगी. उसके बाद बाकी के अभ्यर्थियों की परीक्षा 30 और 31 अगस्त को होगी, क्योंकि बीच में जन्माष्टमी की छुट्टी है. पुलिस-प्रशासन को भी बेहतर इंतजाम का टाइम मिलेगा.
खास बात ये है कि इस बार आपको परीक्षा सेंटर पर पहुंचने के लिए बस का किराया खुद नहीं देना होगा, एडमिट कार्ड दिखाइए, सरकारी बस में बैठिए और सेंटर पहुंच जाइए. पर सवाल ये है कि क्या पिछली बार की तरह ही इस बार भी पेपर लीक का खतरा है या फिर योगी सरकार ने भरपूर इंतजाम कर दिया है. पुलिस-प्रशासन की ओर से तो हर बार बेहतर इंतजाम के वादे किए जाते हैं, पर नकल माफियाओं और सिस्टम में बैठे कुछ बेईमानों के आगे सब फेल हो जाता है.
इसका असर संपन्न घर के लड़कों पर नहीं बल्कि उन गरीबों पर पड़ता है, जो किसी तरह मां-बाप या गांववालों से उधार मांगकर, भूखे पेट रहकर सेंटर पर पहुंचते हैं. सुबह-सुबह उठकर गांव की सड़कों पर दौड़ लगाते हैं. महंगे प्रोटीन खरीदने के पैसे नहीं होते तो चना-गुड़ से काम चलाते हैं. ऐसे अभ्यर्थियों को इस बार सीएम योगी से बड़ी उम्मीद है, क्योंकि उन्हें पता है सरकार ने उनके लिए 3 महीने में तीन बड़े आदेश जारी किए हैं.
यही वजह है कि हर सेंटर बुलडोजर खड़ा करने की मांग उठने लगी है, ताकि परीक्षा प्रभावित न हो. पेपर लीक वाली कहानी फिर से न दोहराई जाए. परीक्षा सेंटर पर आधार कार्ड और बायोमेट्रिक का मिलान करने के बाद ही सेंटर में एंट्री दी जाएगी. चार अलग एजेसियों को परीक्षा का जिम्मा सौंपा जाएगा.
इसके बाद रिजल्ट जारी होगा. इस बार कोई भी परीक्षा केन्द्र ऐसा नहीं बनेगा, जिसे 3 साल से कम परीक्षा करवाने का अनुभव हो. जहां सिक्योरिटी के बेहतर इंतजाम हों, वहीं परीक्षा होगी. चूंकि पेपर लीक का संकट देशभर में बढ़ रहा है, इसलिए योगी इस परीक्षा को फुलप्रूफ कराकर बुलडोजर की तरह एक नया मिसाल पेश कर सकते हैं. यूपीएससी की परीक्षा जैसे हर बार बिना पेपर लीक के होती है. कुछ वैसा ही प्लान इस बार यूपी पुलिस और योगी सरकार का भी है.