नई दिल्ली: नीरव मोदी, विजय माल्या और महादेव बेटिंग ऐप जैसे देश के सबसे बड़े मनी लॉन्ड्रिंग घोटालों को उजागर करने वाले प्रवर्तन निदेशालय (ED) के वरिष्ठ अधिकारी सत्यब्रत कुमार ने मात्र 48 साल की उम्र में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली है. अपनी सामान्य सेवानिवृत्ति से 11 साल पहले यह फैसला लेकर उन्होंने सबको चौंका दिया है.
2004 बैच के IRS अधिकारी सत्यब्रत कुमार ED में करीब 12 साल तक सेवा दे चुके थे. इस दौरान वे ED के सबसे लंबे समय तक डेप्यूटेशन पर रहने वाले अधिकारियों में शामिल रहे. मुंबई में Western Regional Office के प्रमुख के रूप में उन्होंने कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच का नेतृत्व किया.
सत्यब्रत कुमार के प्रमुख केस
करीब एक साल पहले उन्हें ED से वापस उनके मूल विभाग (Customs & Indirect Taxes) में भेज दिया गया था, जहां वे पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में Commissioner (Appeals) के पद पर तैनात थे. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, कुमार ने VRS व्यक्तिगत कारणों और अपनी निजी रुचियों को समय देने के लिए लिया है. केंद्र सरकार ने अप्रैल में उनकी अर्जी मंजूर कर ली थी और इस महीने औपचारिक आदेश जारी हुए.
यह दूसरा बड़ा मामला
यह पिछले एक साल में दूसरा मौका है, जब ED से हटने के कुछ समय बाद किसी अधिकारी ने समय से पहले सेवा छोड़ी है. इससे पहले जुलाई 2025 में ED के संयुक्त निदेशक कपिल राज ने भी 15 साल पहले इस्तीफा दे दिया था. ED में अपने सख्त और निडर रवैये के लिए मशहूर सत्यब्रत कुमार के अचानक VRS लेने से सुर्खियां बन रही हैं.