जो करेगा जाति की बात, उसको मारूंगा कसकर लात, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले नितिन गडकरी का बड़ा बयान

Global Bharat 12 Jul 2024 03:19: PM 2 Mins
जो करेगा जाति की बात, उसको मारूंगा कसकर लात, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले नितिन गडकरी का बड़ा बयान

भारत में हर चुनाव में जातियों का बोलबाला देखा जाता है. सभी पार्टियां यहां जातियों के आधार पर ही समिकरण साधती हैं. इसी बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Union Minister Nitin Gadkari) ने जातियों की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है. एक कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने कहा है कि 'जो करेगा जाति की बात, उसको मारूंगा कसकर लात. बता दें कि नितिन गडकरी की ऐसे राजनेताओं में गिनती होती है, जो काम करने में विश्वास रखते हैं.

नितिन गडकरी ने कहा कि मेरे लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में 40 फीसदी मुस्लिम रहते हैं और मैंने स्पष्ट रूप से कह दिया है कि मैं आरएसएस (RSS) से संबंध रखता हूं और हाफ पेंट पहनता हूं. मैंने उन्हें कह दिया है कि किसी को वोट देने से पहले ही सोच विचार लें, ताकि बाद में पछताना न पड़ें. मेरा स्पष्ट रूप से कहना है कि जो वोट देगा उसका भी काम करूंगा और जो नहीं देगा उसका भी करूंगा. मेरी किसी से बैर नहीं और जो जाति की बात करेगा, उसे लात मारूंगा.

बता दें कि नितिन गडकरी महाराष्ट्र से संबंध रखते हैं और हर बार नागपुर से चुनाव लड़ते हैं और यहां 40 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता होने के बावजूद लाखों मतों से चुनाव जीतते हैं. वहीं लोकसभा चुनाव 2024 जिसका परिणाम, 4 जून को आया था, उसमें नितीन गडकरी ने 137603 मतों से जीत हासिल की. यहां से कांग्रेस उम्मीदवार विकास ठाकरे चुनाव लड़ रहे थे. इस चुनाव में गडकरी को कुल 655027 वोट मिले.

यहां यह भी बता दें कि महाराष्ट्र में इसी साल चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में बीजेपी के लिए चुनौती है कि वह सत्ता में बने रहने के लिए अधिक से अधिक कार्य करें. यहां विधानसभा की 288 सीटें हैं. पिछले चुनाव में भाजपा को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली थी. चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर अनबन के बाद शिवसेना ने बीजेपी से नाता तोड़ लिया था और कांग्रेस-एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बना ली थी. शिवसेना पार्टी के उद्धव ठाकरे पहली बार मुख्यमंत्री बने थे.

वहीं 2022 में शिवसेना में टूट हो गई और उद्धव की सरकरा गिर गई, जिसके बाद राज्य में एनडीए की सरकार बन गई थी. लेकिन इस बार के चुनाव में बीजेपी, शिवसेना, कांग्रेस, एनसीपी सभी के लिए चुनौती है. ऐसे में सभी पार्टी जाति को साधने की कोशिश में लगी. इसी बीच नितिन गडकरी ने जाति को लेकर बयान दे दिया है, जिसपर राज्य में नया विवाद खड़ा हो सकता है.

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