ईरानी सेना ने संभाला मोर्चा, क्या फिर होगा महायुद्ध? इस बार नॉर्थ कोरिया का कूदना तय!

Abhishek Chaturvedi 09 Apr 2026 04:39: PM 3 Mins
ईरानी सेना ने संभाला मोर्चा, क्या फिर होगा महायुद्ध? इस बार नॉर्थ कोरिया का कूदना तय!

Iran-US Talks: ईरान-इजरायल और अमेरिका की लड़ाई थमेगी या बात और बिगड़ेगी, इस पर अगले 24 घंटे में बड़ा फैसला होने वाला है, पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान दोनों देशों के प्रतिनिधि बैठक करने पहुंचने वाले हैं, जिसे लेकर इस्लामाबाद में तैयारियां तेज हो चुकी है, नेताओं की सुरक्षा को ध्यान मे रखते हुए शहबाज सरकार ने दो दिन की छुट्टी का ऐलान कर दिया है, होटल के आसपास की सिक्योरिटी टाइट कर दी गई है.

मतलब पाकिस्तान इस मौके को किसी भी तरह हाथ से नहीं जाने देना चाहता, लेकिन जैसे सीजफायर के ऐलान के बाद ट्रंप ने जब पाकिस्तान को क्रेडिट दिया तो तुरंत शहबाज की किरकिरी होने लगी, वैसी कहानी मीटिंग से पहले भी सामने आई है...

पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोदगम ने बकायदा पोस्ट कर ये जानकारी दी कि वो मीटिंग में पहुंचेंगे, लेकिन जैसे ही ईरान की ओर से ये बयान आया कि पाकिस्तान पर भरोसा नहीं है, ये पोस्ट डिलीट कर दिया गया, तो सवाल उठे कि क्या ये बैठक पाकिस्तान में नहीं हो पाएगी, क्योंकि इजरायल भी पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करता, इसका खुलासा खुद ईरान के भारत में राजदूत ने किया है.

तो फिर सवाल ये भी है कि ईरान और अमेरिका के बीच क्या सीजफायर पर आखिरी सहमति नहीं बन पाएगी, क्या इजरायल के उकसावे में फिर से ट्रंप बड़ी गलती कर बैठेंगे, क्योंकि संघर्ष विराम के बाद भी युद्ध पूरी तरह से रुका नहीं है. बल्कि ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि तीन शर्तों का अभी भी उल्लंघन हो रहा.

  • पहला- हमने यूरेनियम संवर्धन का अधिकार मांगा, जिस पर ट्रंप ने पहले हां कहा, और अब कह रहे ईरान को परमाणु संपन्न नहीं बनने देंगे.
  • दूसरा- सीजफायर के बाद भी ईरानी क्षेत्र में दुश्मनों का एक ड्रोन दिखा, जिसे हमारी सेना ने मार गिराया.
  • तीसरा- युद्धविराम के घोषणा के बाद इजरायल ने लेबनान में बड़ा हमला किया, जो शर्तों का उल्लंघन है.

जबकि इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू का दावा है कि सीजफायर की शर्तों में लेबनान का मुद्दा शामिल नहीं था, वहां ऐसे ही हमले होते रहेंगे. तो सवाल है कि झूठ कौन बोल रहा और सच कौन बोल रहा है. क्या पाकिस्तान की बैठक में इनकी लड़ाईयों का हल निकल पाएगा, या फिर ये बैठक तु-तु मैं-मैं वाली होने जा रही है. जानकार कहते हैं अगर इस बार अमेरिका ने जंग शुरू की, और इजरायल पीछे नहीं हटा तो फिर रूस और चीन के अलावा नॉर्थ कोरिया भी इस जंग में कूद सकता है. तब अमेरिका के पास पीछे हटने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा.

  • हालांकि एक सच ये भी है कि इस जंग में ईरान में 2076 लोग मारे गए, 26500 से ज्यादा घायल हुए.
  • जबकि इजरायल में 26 लोग मारे गए, 7183 घायल हुए
  • 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए, और 200 से ज्यादा घायल हुए.
  • अमेरिका को अरबों का नुकसान उठाना पड़ा है

लेकिन अमेरिका ने ईरान के कई इंफ्रास्ट्रक्चर भी तबाह किए हैं, जिसे बनने में कई दशक लग जाएंगे, और उसे बनाने का खर्चा अब ईरान अमेरिका से मांग रहा है, ये भी जंग की एक शर्त है, जिस पर सवाल उठे तो अमेरिकी प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लीविट ने साफ कहा कि ईरान के प्रस्ताव को हमारे राष्ट्रपति ने कूड़े में फेंक दिया था, हमने वो सीजफायर किया है, जिसमें अमेरिका का हित हो.

जबकि फिलहाल का शांति प्रस्ताव कई जानकारों को अमेरिका के खिलाफ लग रहा है तो सवाल वही है क्या ट्रंप फिर से अपनी झूठी शान दिखाने के लिए सीजफायर को तोड़ेंगे और ईरान में फिर से सेना भेजेंगे या अब शांति आएगी, क्योंकि अब शांति नहीं आई तो फिर तेल और गैस के दाम तेजी से बढ़ना तय मानिए, फिर ईरान ने परमाणु संपन्न बनने की जो कसम खाई है, उसे रोकना भी मुश्किल हो सकता है..क्योंकि जंग रुकते ही उसने इस पर भी काम शुरू कर दिया है, ऐसी ख़बरें सामने आई है...

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