अभिषेक चतुर्वेदी
5 अगस्त की रात जब आप सो रहे थे, जयशंकर और डोभाल की जोड़ी एक बड़े मिशन पर थी. वो यूपी के अधिकारियों से बार-बार अपडेट ले रहे थे. यहां तक कि डोभाल बकायदा यूपी गए भी. उनकी गाड़ी दिल्ली के आवास से निकली, सीधा गाजियाबाद पहुंची. वहां मीटिंग की और उसके बाद सीधा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपडेट दिया. क्योंकि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी थीं. यहां के एयरफोर्स बेस में कुछ ऐसा हो रहा था, जिसकी तस्वीरें पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, चीन, अमेरिका औऱ ब्रिटेन सब देखना चाहते थे. वो चाहते थे कि भारत एक बार बस ना कहे. उसके बाद देखें कि क्या होता है, पर जयशंकर और डोभाल ने जो काम किया. उसे सुनकर आप भी कहेंगे, वाह बॉस ये तो रियल हीरो हैं.
जयशंकर अपने विदेशी समकक्ष और वहां बैठे अधिकारियों से लगातार अपडेट लेते रहे. पूछते रहे कि ढाका में क्या चल रहा है, जबकि अजीत डोभाल दोपहर 12 बजे से रात के 3-4 बजे तक जागते रहे. ये प्लान बनाते रहे कि अब आगे क्या करना है. कैसे विदेश नीति के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा को और मजबूत करना है. क्योंकि पश्चिम बंगाल से एक ऐसा बयान सामने आया है, जिसे सुनने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को ये लग रहा है कि सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी और इसे सही से लागू नहीं करवाया तो दिक्कत हो सकती है.
दरअसल, बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी जिस देश की बात कर रहे हैं, वहां की तस्वीरें आप मीडिया में बीते 24 घंटे से लगातार देख रहे हैं. वहां की आबादी करीब 15 करोड़ है, जिसमें से एक करोड़ हिंदू हैं, जैसे साल 1947 में पाकिस्तान के अलग होने के बाद वहां रहने वाले लोगों के मंदिरों और घरों को निशाना बनाया जा रहा था. ठीक वही हाल अभी यहां हो रहा है. पार्षद से लेकर प्रधानमंत्री तक कोई सुरक्षित नहीं है और खासकर जितने भी तिलकधारी हैं, उन्हें ये लग रहा है कि किसी भी तरह बचकर हिंदुस्तान में पहुंचो. भारत ने उनके प्रधानमंत्री को शऱण दे दी है, लेकिन सवाल है कि क्या हिंदुस्तान वहां के एक करोड़ हिंदुओं को शरण दे पाएगा. अगर दे भी देता है तो डोभाल और जयशंकर को नया प्लान क्यों बनाना होगा ये समझना बेहद जरूरी है.
कुछ दिनों पहले ही ये बात सामने आई थी कि देश के कई हिस्सों में इन लोगों ने लैंड जिहाद शुरू कर दिया है, जो ये साफ-साफ इशारा करता है कि पड़ोसी मुल्क में जो कुछ भी हो रहा है. वो एक बड़ा इशारा है, हम और आप भले ही चैन की नींद सो जाएं, लेकिन बतौर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, बतौर गृहमंत्री अमित शाह, बतौर विदेश मंत्री एस जयशंकर और बतौर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पीएम मोदी की रणनीतिक जिम्मेदारी ऐसे हालातों में बढ़ जाती है और फिर फैसला वही लेना होता है जो देशहित में हो.
ये बात तो हर किसी को पता था कि हर 5 अगस्त को मोदी कुछ न कुछ बड़ा करते हैं. पहले 5 अगस्त 2019 को राम मंदिर का भूमिपूजन किया, फिर 5 अगस्त 2020 को जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाया और इस 5 अगस्त को वक्फ बोर्ड कानून आने की चर्चा थी, लेकिन उससे पहले पड़ोसी मुल्क में कुछ ऐसा हो गया, जिसके बाद से देश का पूरा सिस्टम उस पर नजर बनाए हुए है.