Odisha High Court: ओडिशा हाईकोर्ट ने रिटायर्ड डीजीपी वाईबी खुरानिया को अवमानना का नोटिस जारी किया है. आरोप है कि उन्होंने पुलिस सब-इंस्पेक्टर (एसआई) सागरिका परिदा की बहाली के कोर्ट आदेश का जानबूझकर उल्लंघन किया और भ्रामक हलफनामा दाखिल किया.
जस्टिस संजय कुमार मिश्रा ने यह नोटिस खुरानिया के रिटायरमेंट के एक हफ्ते बाद (16 अगस्त को रिटायर हुए) जारी किया. कोर्ट ने उन्हें सात दिनों के अंदर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. साथ ही मौजूदा इन-चार्ज डीजीपी को चार हफ्तों के अंदर सागरिका परिदा की बहाली पूरी करने का आदेश दिया है. अगर ऐसा नहीं हुआ तो अगली सुनवाई (28 सितंबर) पर डीजीपी और आईजी (पर्सनेल) को कोर्ट में पेश होना होगा.
सागरिका परिदा 2017 में एसआई के रूप में जॉइन हुई थीं. तीन साल बाद उन्हें सर्विस से निकाल दिया गया. आरोप था कि उन्होंने वेरिफिकेशन रोल में आपराधिक मामले छुपाए. परिदा का दावा था कि एक मामले में भर्ती से पहले ही बरी हो चुकी थीं और दो पेंडिंग मामलों की जानकारी अधिकारियों को दे दी थी.
उन्होंने ओडिशा हाईकोर्ट का रुख किया. पिछले साल 25 सितंबर को सिंगल जज बेंच ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए तत्काल बहाली और पूर्ण सेवा व वित्तीय लाभ देने का आदेश दिया, डिस्चार्ज अवधि को ‘ऑन ड्यूटी’ माना. डिवीजन बेंच ने भी इस आदेश को बरकरार रखा. राज्य सरकार ने 22 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की.
कोर्ट का सख्त रुख
जस्टिस मिश्रा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में मामला पेंडिंग होने के बावजूद, कोई अंतरिम स्टे न होने पर अवमानना कार्यवाही रोकी नहीं जा सकती. कोर्ट ने राज्य के इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि खुरानिया रिटायर हो चुके हैं इसलिए कार्यवाही बंद कर दी जाए. अदालत ने टिप्पणी की कि खुरानिया ने पहले विभाग में प्रक्रिया चल रही है कहकर समय मांगा, जबकि अपील करने की योजना छुपाई, जिससे बेंच को गुमराह किया गया. यह आदेश पुलिस महकमे में कोर्ट के आदेशों के पालन को लेकर सख्ती का संदेश देता है. सागरिका परिदा की बहाली अब चार हफ्तों के अंदर होनी है.