Oman Gulf Tanker Attack : ओमान की खाड़ी में तेल टैंकर एमटी सेटेबेलो पर हुए अमेरिकी सैन्य हमले में लापता तीनों भारतीय नाविकों के शव बरामद होने की पुष्टि हो गई है. केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री गुरुवार को इस दुखद जानकारी को साझा करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया. मंत्री ने कहा कि पहले लापता बताए गए तीन भारतीय नाविकों की पहचान हो चुकी है और उनके पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है . मृतकों में डेक कैडेट आदित्य शर्मा, इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया और चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश शामिल हैं. शिवानंद चौरसिया उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के निवासी थे.
घटना के बाद भारत सरकार ने अमेरिका के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया. नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के कार्यवाहक प्रमुख जेसन मीक्स को तलब कर इस सैन्य कार्रवाई पर आपत्ति जताई गई. भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमले गंभीर चिंता का विषय हैं और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए.
जानकारी के अनुसार, पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर सेटेबेलो पर अमेरिकी सेना ने सटीक हथियारों से हमला किया था. अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा है कि जहाज ईरान से तेल लेकर जा रहा था और उसने अमेरिकी चेतावनियों की अनदेखी की थी. इसके बाद जहाज के इंजन को निशाना बनाकर कार्रवाई की गई.
सेटेबेलो पर सवार 21 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है, इससे दो दिन पहले एमटी मैरीवेक्स नामक एक अन्य तेल टैंकर पर भी अमेरिकी कार्रवाई हुई थी, जिसमें मौजूद 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया था. इस घटना ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव, समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं.