जम्मू-कश्मीर विधानसभा का बिगुल बज चुका है. पीडीपी, एनसी सहित तमाम पार्टियां अलग-अलग दावे कर रही है. इसी बीच जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अनुच्छेद 370 को लेकर दोबारा बयान दिया है, जिसपर हंगामा मच सकता है. उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य में अगर हमारी सरकार बनेगी तो दोबारा अनुच्छेद 370 को लागू करेंगे. भाजपा को चैलेंज करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि इसे हटाने के लिए बीजेपी को भी लंबा वक्त लग गया था. उन्होंने कहा कि हालांकि इसे लागू करने में वक्त लगेगा, लेकिन लागू जरूर होगा.
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि धारा 370 हमारे लिए राजनीतिक विचारधारा का हिस्सा है. यह ऐसा मुद्दा है, जिसके लिए हम हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठ सकते हैं, हम इसके लिए सरेंडर नहीं कर सकते. उमर अब्दुल्ला ने यह भी माना कि अनुच्छेद 370 दोबारा लागू करना इतना आसान नहीं होगा, इसमें समय लगेगा लेकिन यह यह सत्य है कि यह लागू होकर रहेगा.
एनसी नेता ने कहा कि भाजपा को भी इसे हटाने में दशकों लग गए, इसलिए यह कहना कि हम इसे अगले 5 साल में दोबारा लागू कराएंगे मूर्खता होगी. अबदुल्ला ने कहा कि यह हमारे लिए महत्वपूर्ण मुद्दा है और हम इसे जिंदा रखेंगे. उन्होंने कहा कि हम सिर्फ इसी मुद्दे पर चुनाव नहीं लड़ रहे हैं. हमारे घोषणापत्र में जम्मू-कश्मीर के विकास, रोजगार, पानी, मुफ्त शिक्षा, सामाजिक कल्याण की योजनाओं, महंगाई से छुटकारा समेत कई मुद्दे शामिल हैं.
वहीं अनुच्छेद 370 को लेकर फारुख अब्दुल्ला के बयान पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मेरे पिता ने कहा था कि 370 को वापस लागू करने में सौ वर्ष लग जाएंगे, इसका मतलब है कि इसमें लंबा समय लग जाएगा. उन्होंने कहा कि 3 जजों की बेंच ने यह फैसला सुनाया था और फैसला बदला भी जा सकता है. उन्होंने कहा कि तीन जजों की बेंच के फैसले को 7 जजों की बेंच पलट सकती है, तो यह बदला जा सकता है, लेकिन इसमें समय लगेगा. उमर ने कहा कि 5,10, 100 जितने भी साल लग जाए हम इसे लेकर लड़ते रहेंगे.