वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर के पास मंगलवार को सुबह 3 बजे दो मकान ढह गए, जिसमें एक महिला की मौत हो गई और नौ अन्य मलबे में फंस गए. वाराणसी संभाग के आयुक्त कौशल राज शर्मा ने कहा कि दो मकान ढह गए हैं और कुल 11 से 12 लोग मलबे में दबे हुए हैं. उन्होंने आगे कहा कि दो लोग खुद ही बाहर निकल आए और 8 अन्य को बचाया जाना था.
यहां दो मकान ढह गए, जिसमें 9 लोग फंस गए. उनमें से दो खुद ही बाहर निकल आए और 8 अन्य को बचा लिया गया. एक महिला की मौत हो गई और एक महिला कांस्टेबल घायल हो गई, जिसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया है. बाकी का इलाज चल रहा है. उन्होंने आगे बताया कि बचाव कार्य पूरा हो चुका है और मलबे की सफाई की जा रही है.
बचाव कार्य लगभग पूरा हो चुका है. हमारी अगली प्राथमिकता मलबे को साफ करना और घरों में पानी और बिजली की आपूर्ति बहाल करना है. हम मलबे को हटाने के लिए गेट भी तोड़ेंगे. इस फ्लैट की दीवारें एक साथ बनी हुई थीं और एक दीवार के सहारे कई घर बने हुए थे, जिसके कारण दोनों घर एक साथ ढह गए. घर की दूसरी और तीसरी मंजिल ढह गई और दूसरी मंजिल पर लोग फंस गए.
वाराणसी के पुलिस आयुक्त (पीसी) मोहित अग्रवाल ने कहा कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), स्थानीय पुलिस और अग्निशमन कर्मियों सहित सभी बल ढहने की घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंच गए थे. एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और दमकल कर्मियों से हमारे बचाव दल ढहने के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे और सभी 8 लोगों को बचा लिया गया.
उन्होंने कहा कि कबीर चौरा अस्पताल में भर्ती एक महिला को मृत घोषित कर दिया गया है. अग्रवाल ने आगे कहा कि मलबे के नीचे कोई और व्यक्ति तो नहीं है, इसकी जांच के लिए डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचेंगे. उन्होंने कहा कि हमारे डॉग स्क्वॉड जल्द ही यहां पहुंचेंगे और जांच करेंगे कि मलबे के नीचे कोई और व्यक्ति तो नहीं है. हमारी प्राथमिकता बचाव अभियान को सही तरीके से चलाना और घायल लोगों की मदद करना है.
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी), एमके शर्मा ने कहा कि इमारतों के पुराने ढांचे के कारण ढहने की सबसे अधिक संभावना है. उन्होंने कहा कि हमने 8 लोगों को बचा लिया है और उन्हें अस्पताल भेज दिया है. पिछले चार घंटों से बचाव अभियान चल रहा था. अब तक, हम समझ पाए हैं कि ढहने का कारण घरों की पुरानी संरचना हो सकती है.