UN में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने पाकिस्तान को सुनाया, इटली के रुख पर भी जताई नाराजगी

Global Bharat 22 May 2026 11:28: AM 2 Mins
UN में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने पाकिस्तान को सुनाया, इटली के रुख पर भी जताई नाराजगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात जहां वैश्विक सुर्खियों में रही, वहीं दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश के बयान ने नई चर्चा छेड़ दी।

संयुक्त राष्ट्र में भारत की तरफ से बोलते हुए पी हरीश ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला और साफ कहा कि जो देश अपने ही लोगों की सुरक्षा नहीं कर पाता, उसे भारत को ज्ञान देने का अधिकार नहीं है।

UNSC में पाकिस्तान पर भारत का जवाब

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने पाकिस्तान को आतंकवाद और धार्मिक कट्टरता के मुद्दे पर घेरा।

उन्होंने कहा कि रमजान के दौरान अफगानिस्तान में मस्जिद और अस्पताल पर हुए हमलों में सैकड़ों लोगों की मौत हुई, ऐसे मामलों पर चुप रहने वाले देश भारत को मानवाधिकार और धार्मिक मुद्दों पर उपदेश न दें।

हरीश ने इशारों में पाकिस्तान को निशाने पर लेते हुए कहा कि जो अपने ही लोगों और नमाजियों की सुरक्षा नहीं कर पाते, वे दूसरे देशों को सलाह देने की स्थिति में नहीं हैं।

इटली के रुख पर क्यों जताई आपत्ति?

बैठक के दौरान पी हरीश ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग भी उठाई। भारत लंबे समय से UNSC में स्थायी सदस्यता बढ़ाने की वकालत करता रहा है।

भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान जैसे देश सुरक्षा परिषद में सुधार चाहते हैं, लेकिन इटली की अगुवाई वाला एक समूह इसका विरोध कर रहा है। इसी समूह में पाकिस्तान भी शामिल बताया जाता है।

भारत का मानना है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में संयुक्त राष्ट्र की संरचना में बदलाव जरूरी है ताकि विकासशील देशों को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिल सके।

कौन हैं पी हरीश?

पर्वतनेनी हरीश 1990 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं। उन्होंने हैदराबाद से शिक्षा हासिल की और बाद में IIM से MBA किया।

अपने लंबे कूटनीतिक करियर में वे जर्मनी, वियतनाम समेत कई देशों में भारत के राजदूत रह चुके हैं। साल 2024 में उन्हें संयुक्त राष्ट्र में भारत का स्थायी प्रतिनिधि नियुक्त किया गया।

हाल के महीनों में उनके कई बयान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चर्चा का विषय बने हैं। इससे पहले भी उन्होंने पाकिस्तान को इस्लामोफोबिया और आतंकवाद के मुद्दे पर जवाब दिया था।

भारत की कूटनीति पर बढ़ी चर्चा

विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में भारत वैश्विक मंचों पर अधिक आक्रामक और स्पष्ट कूटनीतिक रुख अपनाता दिखाई दे रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर से लेकर संयुक्त राष्ट्र में दिए गए बयानों तक, भारत लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हर मुद्दे का जवाब देने के लिए तैयार है।

Description of the author

Recent News