नई दिल्ली: भारतीय सेना ने एक वायरल वीडियो पर सख्त सफाई दी है. इसमें दावा किया गया है कि कुछ लोग पूर्व सैनिकों के रूप में प्रेस कॉन्फ्रेंस में आकर सेना की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. सेना ने स्पष्ट किया कि वीडियो में दिख रहे चारों व्यक्ति पूर्व सैनिक हैं, लेकिन वे सेवा से पहले ही हटाए जा चुके हैं या उनके खिलाफ कार्रवाई चल रही है.
सेना के अनुसार, चंदू चव्हाण, हरेंद्र यादव और पी. नरेंद्र को अनुशासनहीनता और सैनिक अनुशासन के विरुद्ध आचरण के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था. शंकर सिंह गुज्जर नवंबर 2024 से फरार (deserter) चल रहा है. उसके खिलाफ सैन्य और सिविल कोर्ट दोनों में अनुशासनात्मक कार्यवाही चल रही है.
सेना का आरोप है कि ये लोग अपनी गलतियों से ध्यान हटाने के लिए सोशल मीडिया पर झूठी और भ्रामक खबरें फैला रहे हैं. वे सेना की सेवा स्थितियों के बारे में गलत जानकारी दे रहे हैं और अधिकारी-सैनिक के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं.
यह बयान AAP सांसद संजय सिंह और RJD सांसद मनोज झा द्वारा आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आया, जिसमें ये चारों व्यक्ति मौजूद थे. सेना ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसी भ्रामक खबरों और प्रचार से बचें और सतर्क रहें.