कोलकाता: पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी सरकार की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक हुमायूं कबीर को साफ चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर बंगाल के नियम-कानून पसंद नहीं हैं तो इस्लामिक देश चले जाएं.
मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने शुक्रवार को कहा, "हुमायूं कबीर, अगर आपको बंगाल में रहना है तो बंगाल के नियमों का पालन करना होगा. अगर आप राज्य के नियम नहीं मान सकते, तो आप किसी भी दूसरे राज्य में जा सकते हैं या फिर किसी इस्लामिक देश में चले जाएं. भारत में रहना है तो यहां के कानून मानने ही होंगे."
क्या है पूरा मामला?
पश्चिम बंगाल सरकार ने हाल ही में पशु वध नियंत्रण अधिनियम 1950 को सख्ती से लागू करने का नोटिफिकेशन जारी किया है. इसके तहत बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के मवेशियों के वध पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. इस फैसले का हुमायूं कबीर ने विरोध किया था. उन्होंने कहा था कि धार्मिक बलि (कुर्बानी) 1400 साल पुरानी परंपरा है और विरोध के बावजूद यह जारी रहेगी.
मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि यह नियम 1950 से ही मौजूद है, लेकिन पिछली सरकारों ने वोट बैंक की राजनीति के चलते इसे लागू नहीं किया. अब नई सरकार इसे सख्ती से लागू कर रही है. उन्होंने कहा कि पशु वध केवल सरकारी बूचड़खाने में ही हो सकेगा.
फिटनेस सर्टिफिकेट नगरपालिका या पंचायत प्रमुख और सरकारी पशु चिकित्सक द्वारा ही जारी होगा. उल्लंघन पर 6 महीने तक की जेल या 1000 रुपए जुर्माना, या दोनों. कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी सरकार के इस आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. मंत्री की यह टिप्पणी बंगाल की राजनीति में काफी चर्चा में है. यह बयान राज्य में कानून का राज स्थापित करने की शुभेंदु सरकार की सख्ती को दर्शाता है.