बुर्का और हिजाब का क्या होगा...ड्रेस कोड पर मुस्लिम धर्मगुरु सुफियान की योगी की चेतावनी, वापस लो कानून नहीं होगा विरोध

Global Bharat 22 May 2026 08:57: PM 2 Mins
बुर्का और हिजाब का क्या होगा...ड्रेस कोड पर मुस्लिम धर्मगुरु सुफियान की योगी की चेतावनी, वापस लो कानून नहीं होगा विरोध

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की सियासत में इन दिनों हलचल तेज है. तृणमूल कांग्रेस यानी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के भीतर अंदरूनी असंतोष की खबरों ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है. दावा किया जा रहा है कि पार्टी के कई विधायक और कुछ सांसद नेतृत्व से नाराज चल रहे हैं. सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि करीब 35 विधायकों से पार्टी का सीधा संपर्क कमजोर पड़ा है, जबकि कुछ सांसदों के फोन बंद मिलने की चर्चा ने अटकलों को और हवा दे दी है. हालांकि, पार्टी की ओर से आधिकारिक तौर पर किसी बड़े टूट या बगावत की पुष्टि नहीं की गई है.

हालिया घटनाओं ने इन कयासों को और मजबूत किया है. बंगाल में चुनाव बाद बढ़ती जांच एजेंसियों की सक्रियता, कई नेताओं पर ईडी और सीबीआई की कार्रवाई, स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक फेरबदल और टिकट वितरण को लेकर असंतोष लगातार सामने आता रहा है. कई पुराने नेताओं को खुद को किनारे किए जाने का एहसास है. दूसरी ओर, विपक्ष लगातार दावा कर रहा है कि सत्ताधारी दल के भीतर बड़ी टूट की तैयारी चल रही है.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर असंतुष्ट विधायक और सांसद एक मंच पर आते हैं तो बंगाल में एक नई क्षेत्रीय पार्टी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. हालांकि यह भी सच है कि बंगाल की राजनीति में कई बार बगावत की खबरें सामने आईं लेकिन अंतिम समय में नेतृत्व ने स्थिति संभाल ली. ऐसे में फिलहाल यह पूरा मामला कयासों और राजनीतिक संकेतों तक सीमित माना जा रहा है. 

बीजेपी और अन्य विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर लगातार हमला बोल रहे हैं, जबकि ममता बनर्जी के करीबी नेता दावा कर रहे हैं कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और विरोधियों द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है. आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि यह सिर्फ राजनीतिक दबाव की रणनीति है या बंगाल की राजनीति में किसी बड़े बदलाव की आहट.

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ड्रेस कोड लागू करने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. इस मुद्दे पर मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना सुफियान निजामी ने सरकार की नई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई ड्रेस कोड किसी एक विशेष संस्कृति या विचारधारा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है, तो उस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों का वातावरण सभी वर्गों, धर्मों और समुदायों के छात्रों के लिए समान रूप से खुला और समावेशी होना चाहिए.

मौलाना निजामी ने कहा कि किसी भी छात्र या छात्रा पर ऐसी व्यवस्था थोपना उचित नहीं होगा, जिससे उनकी धार्मिक या सांस्कृतिक पहचान प्रभावित हो. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ड्रेस कोड के नाम पर किसी विशेष पहनावे या पहचान को निशाना बनाया गया, तो इसका विरोध किया जाएगा, उनके अनुसार शिक्षा का मकसद ज्ञान और समान अवसर देना है, न कि सांस्कृतिक एकरूपता लागू करना.

दरअसल, हाल ही में यूपी सरकार द्वारा कुछ विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में ड्रेस कोड लागू करने की चर्चाओं के बाद छात्र संगठनों और कई धार्मिक संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है. विपक्षी दलों ने भी इस फैसले को व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया है. वहीं,  सरकार का कहना है कि ड्रेस कोड से अनुशासन, समानता और शैक्षणिक माहौल बेहतर होगा. अब यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक बहस का बड़ा विषय बनता जा रहा है.

Burqa Hijab Controversy UP Dress Code College Uniform Debate Religious Freedom India Hijab Row News

Description of the author

Recent News