कोलकाता: पश्चिम बंगाल में ईद-उल-जुहा से पहले कुर्बानी और गोहत्या को लेकर नया सियासी बवाल खड़ा हो गया है. आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर ने भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि वे "आग से न खेलें". हुमायूं कबीर ने कहा, "कुरान में कुर्बानी का आदेश है, इसे कोई नहीं रोक सकता. हम कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन कुर्बानी होकर रहेगी.
शुभेंदु अधिकारी को बता दें कि यह उनके लिए खतरनाक साबित हो सकता है. मुस्लिम समुदाय इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगा." कबीर ने आगे कहा कि गाय, बकरी और ऊंट की कुर्बानी 1400 साल पुरानी धार्मिक परंपरा है, जो दुनिया कायम रहने तक जारी रहेगी.
उन्होंने राज्य सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को सिरे से खारिज कर दिया. साथ ही सड़क पर नमाज पढ़ने पर पाबंदी का भी विरोध किया और कहा कि अगर मुसलमानों को जगह नहीं दी गई तो हिंदू पूजा पर भी सवाल उठाए जाएंगे. यह पहली बार नहीं जब कबीर ने ऐसा बयान दिया हो.
सरकार और कोर्ट का रुख
बंगाल सरकार ने 13 मई को अधिसूचना जारी कर खुले में पशु वध पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है. कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी गुरुवार को इस आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि गाय की कुर्बानी इस्लाम में अनिवार्य धार्मिक कर्तव्य नहीं है.
विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया
भाजपा ने हुमायूं कबीर के बयान की तीखी आलोचना की है. बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इसे कानून का उल्लंघन बताया. यह विवाद बंगाल में सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है, क्योंकि ईद नजदीक है और कुर्बानी का मुद्दा गरमा गया है.