नई दिल्ली: बुधवार को पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LOC) के पास दर्जनों गांवों पर तोपखाने और मोर्टार से भारी गोलाबारी की, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई और 48 अन्य घायल हो गए. मृतकों में एक महिला और दो बच्चे शामिल हैं. मीडिया वेबसाइट दैनिक जागरण अपनी रिपोर्ट में लिखता है, ''पाकिस्तानी हमले में 10 आम नागरिकों की मौत हो गई है तो वहीं 48 लोगों के घायल होने की सूचना मिल रही है.
समाचार एजेंसी पीटीआई को अधिकारियों ने बताया कि भारतीय सेना पाकिस्तानी बलों द्वारा किए गए युद्धविराम उल्लंघन का समानुपात में जवाब दे रही है. यह गोलाबारी तब शुरू हुई, जब भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए. अधिकारियों के अनुसार, पुंछ जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ, जहां कई लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हो गए. इसके अलावा, बारामूला जिले के उरी सेक्टर में भी कई लोग घायल हुए, जबकि राजौरी जिले में तीन लोगों को चोटें आईं.
गोलाबारी के कारण सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग डर के मारे भूमिगत बंकरों में शरण लेने को मजबूर हुए. पाकिस्तानी सेना ने पुंछ, राजौरी, कुपवाड़ा, बारामूला और अखनूर जैसे कई सेक्टरों में बिना उकसावे के गोलीबारी और तोपखाने का इस्तेमाल किया. यह 13वां लगातार दिन था, जब पाकिस्तान ने युद्धविराम का उल्लंघन किया. भारतीय सेना ने बयान जारी कर कहा कि वह इस हमले का जवाब दे रही है.
ऑपरेशन सिंदूर: भारत की जवाबी कार्रवाई
बुधवार तड़के भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को अंजाम दिया, जिसमें पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया. यह ऑपरेशन भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के संयुक्त प्रयासों से भारतीय धरती से अंजाम दिया गया. प्रमुख लक्ष्यों में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का बहावलपुर में मुख्यालय और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का मुरिदके में आधार शामिल था. ये हमले 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में थे, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे. भारत ने उन्नत सटीक हथियारों जैसे स्कैल्प क्रूज मिसाइल, हैमर प्रेसिजन-गाइडेड बम और लॉइटरिंग म्यूनिशन्स का इस्तेमाल किया. हमलों को रीयल-टाइम खुफिया जानकारी के आधार पर अंजाम दिया गया, ताकि पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को कोई नुकसान न हो.
भारत ने दावा किया कि इस ऑपरेशन में 90 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जो जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े थे. सरकार ने कहा कि यह कार्रवाई "केंद्रित, संतुलित और गैर-आक्रामक" थी. पाकिस्तान ने दावा किया कि भारतीय हमलों में 26 नागरिक मारे गए और 46 घायल हुए, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल थे. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि भारत ने 6 स्थानों को निशाना बनाया, जिनमें कोई आतंकी शिविर नहीं था. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि हमले में कोई "आतंकी शिविर" नहीं, बल्कि नागरिक ठिकाने प्रभावित हुए.
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारतीय हमलों को "युद्ध की कार्रवाई" करार दिया और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी. मुजफ्फराबाद में एक मस्जिद पर हुए हमले में मीनार ढह गई, जिसे पाकिस्तान ने नागरिक क्षेत्र पर हमला बताया. संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों से बात की और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी भारत-पाकिस्तान तनाव पर चर्चा की और "क्षेत्रीय शांति" के लिए संयम की सलाह दी. चीन ने दोनों देशों से "अधिकतम संयम" बरतने और क्षेत्र में शांति बनाए रखने का आह्वान किया. भारत ने अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब, यूएई और रूस जैसे देशों को ऑपरेशन के बारे में जानकारी दी, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि केवल आतंकी ठिकाने निशाना बने.