मुजरे की आड़ में देह व्यापार, दार्जिलिंग, राजस्थान और नेपाल से लाईं गईं थी युवतियां, मेरठ के कबाड़ी बाजार में छापे के बाद हड़कंप

Amanat Ansari 12 Sep 2025 03:24: PM 2 Mins
मुजरे की आड़ में देह व्यापार, दार्जिलिंग, राजस्थान और नेपाल से लाईं गईं थी युवतियां, मेरठ के कबाड़ी बाजार में छापे के बाद हड़कंप
नई दिल्ली: मेरठ के कुख्यात कबाड़ी बाजार में अवैध देह व्यापार की गतिविधियां दोबारा सक्रिय हो गई हैं. गुरुवार को मिशन मुक्ति फाउंडेशन (दिल्ली) की सूचना पर मेरठ पुलिस की विशेष टीम ने इलाके में स्थित एक प्रमुख कोठे पर अचानक दबिश दी. इस कार्रवाई में 21 किशोरियां और युवतियां मुक्त कराई गईं, जिनमें कुछ के साथ छोटे बच्चे भी थे. साथ ही, कोठे की मैनेजर महिलाओं और पांच पुरुष दलालों को हिरासत में लिया गया.

ये दलाल ग्राहकों को लाने का काम करते थे. पकड़ी गई महिलाएं मुख्य रूप से राजस्थान, दार्जिलिंग और नेपाल से लाई गई थीं, जिन्हें जबरन इस धंधे में धकेल दिया गया था. मिशन मुक्ति फाउंडेशन के निदेशक वीरेंद्र कुमार सिंह ने खुलासा किया कि कोर्ट के सख्त निर्देश पर कुछ साल पहले इस बाजार के सारे कोठे सील कर दिए गए थे. कोठा संचालकों ने अदालत में शपथ-पत्र देकर वादा किया था कि वे कभी भी देह व्यापार नहीं चलाएंगे, बदले में केवल आवास के लिए जगह खोलने की मांग की थी.

कोर्ट ने एक कोठे को सीमित शर्तों पर फिर से खोलने की इजाजत दी, लेकिन हालिया खबरें बता रही थीं कि वहां पुराना धंधा चालू हो चुका है. सिंह ने कहा, "यह बेहद दुखद है कि कोर्ट के आदेशों का सम्मान नहीं हो रहा." इस मामले में शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक को भेजी गई, जिन्होंने तुरंत मेरठ के एसएसपी डॉ. विपिन ताडा को पत्र लिखकर त्वरित कार्रवाई की मांग की.

एसएसपी ने सीओ कैंट नवीना शुक्ला के नेतृत्व में एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) सहित 40 पुलिसकर्मियों की एक मजबूत टीम तैयार की. टीम ने बृहस्पतिवार को कोठे पर पहुंचकर छापा मारा. वहां से पांच युवकों को पकड़ा गया, जो ग्राहक जुटाने के लिए सक्रिय थे. मुक्त कराई गई 21 महिलाओं में कई नाबालिग शामिल हैं, और उनके साथ कुछ मासूम बच्चे भी बरामद हुए.पुलिस के अनुसार, कोठे पर खुलेआम देह व्यापार हो रहा था, जो मानव तस्करी का स्पष्ट मामला है.

एसएसपी ने बताया कि कोठा संचालिकाओं और दलालों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं (जैसे 370- मानव तस्करी, 372- बालिका बिक्री) के तहत मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. नाबालिग पीड़ितों को बाल कल्याण समिति के पास भेजा जाएगा, जहां उनकी काउंसलिंग और पुनर्वास सुनिश्चित किया जाएगा.वीरेंद्र सिंह ने आगे कहा कि छापे वाली जगह पर पुलिस चौकी होने के बावजूद यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा था, जो सिस्टम की नाकामी को उजागर करता है. मिशन मुक्ति फाउंडेशन लगातार इस इलाके की निगरानी कर रही है और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अदालत में और मजबूत कदम उठाने की योजना बना रही है.

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