नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पंकज चौधरी का निर्वाचन लगभग तय हो चुका है. केंद्रीय मंत्री और सात बार के सांसद पंकज चौधरी ने शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया. वे इस पद के लिए एकमात्र उम्मीदवार होने के कारण उनका निर्विरोध चयन तय माना जा रहा है. आधिकारिक घोषणा रविवार दोपहर 2 बजे होगी.
नामांकन के बाद यूपी तक की एक्सक्लूसिव बातचीत में पंकज चौधरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काम की खुलकर सराहना की. खास तौर पर बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर करने के अभियान पर उन्होंने कहा, "योगी जी जो कार्यक्रम चला रहे हैं, वह पूरी तरह सही है. देश में किसी भी बाहरी व्यक्ति को जगह नहीं मिलनी चाहिए. हम इसका पूर्ण समर्थन करते हैं."
पंकज चौधरी ने बताया कि संगठन ने उन्हें नामांकन दाखिल करने का निर्देश दिया था. उन्होंने कहा, "मुझे जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, उसे मैं पूरी ईमानदारी और समर्पण से निभाऊंगा." महराजगंज लोकसभा क्षेत्र से सांसद पंकज चौधरी कुर्मी समुदाय के प्रमुख नेता हैं. तीन दशक से अधिक के राजनीतिक करियर में उन्होंने भाजपा के प्रति अटूट निष्ठा दिखाई है. चाहे पार्टी के लिए कितने भी प्रतिकूल हालात रहे हों, उन्होंने कभी साथ नहीं छोड़ा. तराई क्षेत्र में उनके नेतृत्व में भाजपा का जनाधार लगातार मजबूत हुआ है.
1991 में महज 27 साल की उम्र में पहली बार सांसद बने पंकज चौधरी ने 1999 और 2009 को छोड़कर सभी लोकसभा चुनाव जीते. 2024 के चुनाव में भी जातीय समीकरण के बावजूद उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को 35 हजार से अधिक मतों से हराया.
महराजगंज जिले के गठन के बाद से जिला पंचायत पर उनके परिवार का दबदबा कायम है. उनके बड़े भाई स्वर्गीय प्रदीप चौधरी पहले जिला पंचायत अध्यक्ष बने, उसके बाद उनकी माता उज्ज्वल चौधरी ने लगातार दो बार यह पद संभाला. सपा-बसपा शासनकाल में भी कोई उन्हें इस क्षेत्र से हिला नहीं सका.
पंकज चौधरी के समर्थकों में उनके प्रदेश अध्यक्ष बनने की खबर से जबरदस्त उत्साह है. संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल की उम्मीद भी बढ़ गई है, खासकर जब नए अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री के एक बड़े फैसले का खुलकर समर्थन किया हो.