नई दिल्ली: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को पटना पुलिस ने शुक्रवार देर रात उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार किया. यह कार्रवाई 1995 में दर्ज एक पुराने मामले में हुई, जिसमें धोखाधड़ी और संपत्ति पर कब्जे से जुड़े आरोप थे. मामले की सुनवाई लंबित चल रही थी और सांसद बार-बार कोर्ट में पेश नहीं हुए, जिसके बाद MP-MLA कोर्ट ने गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था.
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गिरफ्तारी के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले IGIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर PMCH (पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल) रेफर किया गया. शनिवार सुबह उनकी मेडिकल जांच पूरी होने के बाद एंबुलेंस से उन्हें पटना सिविल कोर्ट ले जाया गया. कोर्ट ने उन्हें दो दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. स्वास्थ्य कारणों से फिलहाल वे PMCH में ही पुलिस कस्टडी में रहेंगे, जबकि जमानत याचिका पटना हाई कोर्ट में दाखिल की गई है, जिस पर सोमवार (9 फरवरी) को सुनवाई होगी.
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पटना के सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि यह सामान्य कानूनी प्रक्रिया थी, क्योंकि 24 घंटे के अंदर आरोपी को कोर्ट में पेश करना जरूरी होता है. गिरफ्तारी के दौरान समर्थकों ने पुलिस को रोकने की कोशिश की, जिसके वीडियो फुटेज के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
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विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस ने इस गिरफ्तारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया है. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने कहा कि पप्पू यादव हाल ही में पटना में नीट छात्रा की मौत और हॉस्टल कांड के मामले में सरकार पर सवाल उठा रहे थे, इसलिए पुराने केस को निकालकर उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया. यह घटना बिहार की सियासत में नया विवाद खड़ा कर रही है, जहां पुराने मामले की आड़ में राजनीतिक मंशा पर सवाल उठ रहे हैं.