नई दिल्ली: बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिराग पासवान के आक्रोश जताने के एक दिन बाद, रविवार को पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने दावा किया कि जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर और केंद्रीय मंत्री ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए हाथ मिला लिया है. पूर्णिया के सांसद ने पत्रकारों से बात करते हुए किशोर को सलाह दी कि वे चिराग को अपनी ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करें.
पप्पू यादव ने कहा कि चिराग जी और प्रशांत जी एक हो गए हैं. पप्पू यादव ने कहा, ''मुझे लगता है कि प्रशांत जी को पहले ही चिराग जी को मुख्यमंत्री के रूप में घोषित कर देना चाहिए था." उन्होंने आगे कहा, "प्रशांत किशोर एक परेशान आत्मा हैं और केवल दलित या अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) का व्यक्ति ही सीएम बन सकता है. और चिराग जी, वहां भी और यहां भी, ऐसे में चीजें कैसे काम करेंगी? मैं सुझाव दूंगा कि उस तरफ छोड़कर यहां आ जाइए."
यह बयान चिराग के बिहार में एक के बाद एक परेशान करने वाली आपराधिक घटनाओं के बाद कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर दुख व्यक्त करने के बाद आया है. चिराग ने कहा, "मुझे शर्मिंदगी महसूस होती है कि मैं उस सरकार का समर्थन कर रहा हूं जहां अपराध अनियंत्रित हो गया है." उन्होंने आगे कहा, "बिहार में जिस तरह अपराध हो रहे हैं, प्रशासन पूरी तरह से अपराधियों के सामने झुक गया है. यह सही है कि इस घटना की निंदा की जरूरत थी, लेकिन ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं? अपराधों की एक श्रृंखला है. अगर यह ऐसे ही चलता रहा, तो स्थिति भयावह होगी, बल्कि यह पहले ही हो चुकी है."
इससे पहले, राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी चिराग पासवान पर निशाना साधते हुए उन पर "सत्ता की लालसा" का आरोप लगाया और उन्हें शक्तिहीन दिखाने की कोशिश की. तेजस्वी ने कहा, "पूरा आपराधिक अव्यवस्था है; कानून-व्यवस्था का ढांचा पूरी तरह से ढह गया है. चिराग पासवान ये मुद्दे उठा रहे हैं, लेकिन वे खुद उसी सरकार का हिस्सा हैं. वे एक शक्तिशाली केंद्रीय मंत्री हैं, और उनकी पार्टी के पास 5 सांसद हैं. फिर वे इतने असहाय क्यों दिख रहे हैं?"
उन्होंने आगे कहा, "एक तरफ, वे अपनी ही सरकार की आलोचना कर रहे हैं, और दूसरी तरफ, खुद को शक्तिहीन दिखा रहे हैं. अगर आप वाकई मानते हैं कि बिहार में अपराध बढ़ गया है, बलात्कार हो रहे हैं, भ्रष्टाचार व्याप्त है तो आप उस गठबंधन में क्यों हैं? क्योंकि आपको अपनी कुर्सी से प्यार है. आप इतने कमजोर हो गए हैं कि सत्ता में होने के बावजूद कार्रवाई करने में असमर्थ हैं."
इस बीच, चिराग के बयानों ने गठबंधन सहयोगियों से तीखी प्रतिक्रियाएं उकसाई हैं, जबकि भाजपा ने चुप्पी साध रखी है. हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के नेता और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने तुरंत जवाब दिया और चिराग पासवान को "राजनीतिक रूप से अपरिपक्व" करार दिया. मांझी ने कहा, "चिराग की राजनीति अभी शैशवावस्था में है. उनके पिता, राम विलास पासवान, का राजनीतिक कद बहुत बड़ा था. चिराग को अनुभव की कमी है और वे पूर्ण जानकारी के बिना बोल रहे हैं."
मांझी ने चिराग पासवान के कानून-व्यवस्था पर दावों का खंडन करते हुए कहा कि वर्तमान स्थिति 2005 से पहले के बिहार से कहीं बेहतर है. उन्होंने कहा, "उस समय अपराधी बिना किसी डर के मुख्यमंत्री के निवास में घुस सकते थे. 2005 से पहले अपहरण की सौदेबाजी मुख्यमंत्री के निवास से हो रही थी. आज जवाबदेही है. अब कोई भी 1 ऐन मार्ग, जो मुख्यमंत्री का निवास है, में प्रवेश नहीं कर सकता."