पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: सलवार खोलना और छाती दबाना 'रेप की कोशिश' नहीं, धारा 354 लागू होगी

Amanat Ansari 15 Jul 2026 05:02: PM 1 Mins
पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: सलवार खोलना और छाती दबाना 'रेप की कोशिश' नहीं, धारा 354 लागू होगी

पटना: पटना हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि किसी महिला की सलवार खोलने और छाती दबाने की घटना अकेले में बलात्कार की कोशिश (Section 376/511 IPC) नहीं मानी जा सकती. अदालत के अनुसार, इसके लिए प्रवेश (Penetration) या बलात्कार की ओर इशारा करने वाला कोई स्पष्ट और निर्विवाद कृत्य जरूरी है. यह फैसला बांका जिले के अमरपुर का है, जहां वर्ष 2008 में एक फोटो स्टूडियो में यह घटना हुई थी.

क्या था मामला?

अभियुक्त (स्टूडियो मालिक) पर आरोप था कि उसने पीड़िता (जो अपने पिता के साथ फोटो खिंचवाने आई थी) को कमरे में बंद कर सलवार खोलने की कोशिश की और छाती दबाई. ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को बलात्कार की कोशिश और गलत तरीके से रखने के आरोप में तीन साल की सजा सुनाई थी. हाईकोर्ट ने अपील पर इस फैसले को रद्द कर दिया और आरोपी को बरी कर दिया.

जस्टिस पूर्णेंदु सिंह की एकलपीठ ने कहा, ''मामले में कोई मेडिकल सबूत नहीं है. प्रवेश या बलात्कार की कोशिश का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला. उपलब्ध सबूत महिला की गरिमा भंग (Section 354 IPC) की धारा के अंतर्गत आते हैं, न कि बलात्कार की कोशिश के. अदालत ने जांच अधिकारी के बयान न दर्ज कराए जाने और मेडिकल रिपोर्ट की अनुपस्थिति पर भी टिप्पणी की.

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपी द्वारा महिला को कमरे में बंद करना, सलवार खोलने की कोशिश और छाती दबाना गंभीर अपराध है, लेकिन कानून के अनुसार इसे बलात्कार की कोशिश साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है. यह फैसला उन मामलों में मिसाल बन सकता है जहां सबूतों की कमी में गंभीर धाराएं लगाई जाती हैं. इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर कानूनी राय अलग-अलग हो सकती है. 

Patna High Court Attempt to rape Section 376/511 IPC Section 354 IPC

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