PM मोदी ने किस खतरे से किया आगाह? पश्चिम बंगाल में भी बांग्लादेश वाला खेल!

Abhishek Chaturvedi 19 Jan 2026 08:47: PM 2 Mins
PM मोदी ने किस खतरे से किया आगाह? पश्चिम बंगाल में भी बांग्लादेश वाला खेल!

नई दिल्ली: पीएम मोदी ने ममता की तुष्टिकरण वाली सियासत की पोल खोली, घुसपैठियों को बसाकर डेमोग्राफी चेंज का किस्सा बताया तो ममता बनर्जी हर-हर महादेव औऱ बचा लो महादेव कहने लगीं...पर क्या इस बार टीएमसी अपनी सत्ता बंगाल में बचा पाएगी, जिस सिंगूर से ममता बनर्जी ने अपने सियासत की शुरुआत की थी, उस सिंगूर में मोदी ने एक ऐसा काम कर दिया है, जिसका पूरा किस्सा सुन आप भी कहेंगे मोदी ने ममता बनर्जी से रतन टाटा का वो पुराना बदला लिया है, जिसके बारे में बेहद कम लोग जानते हैं....

साल था 2006 से 2008 का....पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री थे बुद्धदेव भट्टाचार्य, हुगली जिले के सिंगूर में करीब 1000 एकड़ जमीन अधिग्रहित करने की कोशिश की जा रही थी...ताकि रतन टाटा अपने सपनों का नैनो प्लांट वहां लगा सकें, मिडिल क्लास का आदमी भी कार में चल सके, औऱ बंगाल में उद्योग की वापसी हो चुके...पर ममता बनर्जी को ये बात रास नहीं आ रही थी...वो वहां के किसानों के साथ आंदोलन में उतर जाती हैं...मां, माटी औऱ मानुष की बात कर लोगों को मौजूदा सरकार के खिलाप ऐसा एकजुट करती हैं कि तीन साल बाद साल 2011 में बंगाल की सत्ता से वाम मोर्चा की विदाई कर देती हैं...उधर रतन टाटा बड़े ही दुखी मन से वहां प्लांट न खोलने का फैसला प्रेस कॉन्फ्रेंस में लेते हैं...और फिर मोदी जो उस वक्त गुजरात के वक्त थे रतन टाटा को एक मैसेज करते हैं...जिसका जिक्र करते हुए मोदी बताते हैं, ''जब रतन टाटा ने कोलकाता में कहा वे पश्चिम बंगाल छोड़ रहे हैं तो मैंने उन्हें वेलकम का एक छोटा सा मैसेज भेजा था. उस एक रुपये के मैसेज ने आज कमाल कर दिया. दो साल बाद ही साणंद में 2000 करोड़ रुपये के निवेश से बना टाटा नैनो संयंत्र बन गया.''

उस वक्त कइयों ने मोदी की तारीफ की थी, और अब मोदी ने सिंगूर में करीब 830 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन कर ये संदेश दे दिया कि सिंगूर का विकास बीजेपी करेगी.... राजनीति के जानकार ममता बनर्जी के लिए इसे एक बड़े झटके की तरह मान रहे हैं...क्योंकि बीजेपी इस बार ममता बनर्जी के हर उस रणनीति का जवाब देने की तैयारी में है, जिससे वो चुनाव के नतीजे बदल देती हैं, आखिरी वक्त में माहौल पलट देती हैं...

बंगाल की सियासत पर नजर रखने वाले कहते हैं, जैसे ईडी की छापेमारी के बाद ममता बनर्जी हरे रंग की फाइल लेकर गईं और फिर सड़कों पर उतरी, लोगों को एकजुट किया, वही ममता की ताकत है, वो सड़क पर उतरकर माहौल बदल देती हैं...इसलिए बीजेपी को इससे बचना होगा...फिलहाल बंगाल की हालत ये है कि एसआईआर के बाद वहां 58 लाख वोट कट चुके हैं...चुनाव के बाद ये पता चल पाएगा कि किसके कितने वोट कटे, कितने घुसपैठिए मिले या नहीं मिले...

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