बदलापुर के एक स्कूल में दो नाबालिग लड़कियों के कथित यौन उत्पीड़न (Two minor girls allegedly sexually assaulted in a school in Badlapur) के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और रेल पटरियों को अवरुद्ध कर दिया, जिस्से मुंबई आने-जाने वाली लोकल ट्रेनें रुक गईं. इसी बीच पुलिस ने बदलापुर रेलवे स्टेशन पर जमा प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया. मीडिया से बात करते हुए सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) आयुक्त रवींद्र शिसवे ने बताया कि रेलवे ट्रैक को साफ कर दिया गया.
उन्होंने बताया कि परिचालन शुरू करने के लिए रेलवे संचालन को रिपोर्ट भेजी जाएगी. इससे पहले पुलिस ने लोगों पर आंसू गैस छोड़ी, ताकि लोग उस स्कूल पर पथराव न कर सके जहां अपराध हुआ था. बता दें कि महाराष्ट्र के बदलापुर में चौथी कक्षा की दो लड़कियों के कथित यौन उत्पीड़न ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया है. इस बीच न्याय की मांग कर रहे गुस्साए लोगों ने स्कूल पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे स्थिति बिगड़ गई और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा.
उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की निंदा
इस बीच, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाबालिगों के कथित यौन उत्पीड़न की निंदा की और कहा कि मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है. साथ ही उन्होंने ठाणे पुलिस आयुक्त को बदलापुर पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक, सहायक उपनिरीक्षक और हेड कॉन्स्टेबल को तत्काल निलंबित करने का भी आदेश दिया. इन अधिकारियों पर आरोप है कि बदलापुर की घटना के शुरुआती चरण में कार्रवाई में देरी की.
महिला अधिकारी के नेतृत्व में SIT गठित
इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बदलापुर में यौन उत्पीड़न की घटना बहुत गंभीर है. मैं इस घटना की कड़ी निंदा करता हूं. राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए आईजी रैंक की एक महिला अधिकारी के नेतृत्व में एक SIT का गठन किया है. सरकार मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में ले जाने की कोशिश कर रही है ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके. फडणवीस ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा कि बदलापुर की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में, आईजी रैंक की अधिकारी आईपीएस आरती सिंह को तुरंत जांच करने के लिए नियुक्त किया जाता है.
उन्होंने कहा कि तुरंत चार्जशीट दाखिल की जाएगी और इस मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी और पुलिस विभाग ऐसे बर्बर, अमानवीय लोगों को तुरंत सजा दिलाने का पूरा प्रयास करेगा. इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घटना की उच्च स्तरीय जांच का आदेश देते हुए कहा कि मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
मीडिया से बात करते हुए सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि मैंने बदलापुर की घटना का गंभीरता से संज्ञान लिया है. इस मामले में एक SIT का गठन किया जा चुका है और हम उस स्कूल के खिलाफ भी कार्रवाई करने जा रहे हैं, जहां यह घटना हुई थी. मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. वहीं बदलापुर रेलवे स्टेशन पर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों द्वारा प्रदर्शन करने के बाद शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी शक्ति विधेयक का हवाला दिया और कहा कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.
शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि इस घटना से पूरा राज्य आक्रोशित है. उन्होंने सामाजिक रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि घटना स्कूल परिसर में हुई. हमारे समाज में बीमार विकृत लोग चाहते हैं कि महिलाएं 'सभ्य तरीके से' कपड़े पहनें, 'सुरक्षित घंटों' के दौरान बाहर निकलें और 'सुरक्षित क्षेत्रों' में काम करें, और अपनी 'खुद की सुरक्षा' की जिम्मेदारी लें. आप इस पर क्या कहेंगे?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, माता-पिता को 18 अगस्त को घटना के बारे में पता चला और उन्होंने एक एफआईआर दर्ज कराई और मंगलवार को बदलापुर रेलवे स्टेशन पर एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया गया. इस पर महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने कहा कि एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और आश्वासन दिया है कि उसे अधिकतम सजा दी जाएगी.