पटना/नई दिल्ली: बिहार में NEET पेपर लीक के खिलाफ 25 जुलाई को हुए 'बिहार बंद' के दौरान सिवान में एक पुलिसकर्मी द्वारा AK-47 राइफल से फायरिंग का वीडियो वायरल होने के बाद बड़ा बवाल खड़ा हो गया है. मामले में आरोपी पुलिसकर्मी अभिषेक पटेल को सस्पेंड कर दिया गया है. अब इस घटना को लेकर राजद सांसद मनोज कुमार झा ने सुप्रीम कोर्ट में PIL दायर कर FIR दर्ज करने की मांग की है.
क्या हुआ था सिवान में?
वीडियो में देखा जा सकता है कि हेलमेट और बुलेटप्रूफ जैकेट पहने अभिषेक पटेल प्रदर्शनकारियों की तरफ दौड़ते हुए AK-47 से फायरिंग करते हैं. सूत्रों के मुताबिक कम से कम 4-5 राउंड फायर किए गए, हालांकि वायरल वीडियो में एक शॉट साफ दिख रहा है. फायरिंग के बाद पुलिसकर्मी अपने साथियों को आगे बढ़ने का इशारा भी करता दिख रहा है.
इस घटना में तीन प्रदर्शनकारी घायल हुए, जिन्हें पटना के जयप्रभा मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इनमें 15 वर्षीय मोहम्मद आरिफ भी शामिल है, जिसकी गर्दन में गोली लगी थी. डॉक्टरों ने सर्जरी कर गोली निकाल दी और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है. विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने घटना का वीडियो शेयर करते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी मुद्दा उठाते हुए कहा कि दिल्ली में पेलेट गन और बिहार में AK-47 का इस्तेमाल हो रहा है यह एक खतरनाक पैटर्न है. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है. किसी भी गलत प्रक्रिया पर गंभीरता से संज्ञान लिया जाएगा. विभागीय जांच चल रही है, जिसके आधार पर आगे कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई तय की जाएगी.
यह मामला NEET विवाद के दौरान बिहार में बढ़ते छात्र आंदोलन और पुलिस बल प्रयोग की बहस को नया मोड़ दे रहा है. सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर अब सुनवाई का इंतजार है. क्या पुलिस की गोलीबारी उचित थी या अत्यधिक? जांच के नतीजे तय करेंगे.