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17 फरवरी की शाम 7 बजे, जब अयोध्या राम मंदिर में भयंकर भीड़ थी, लोग रामलला के दर्शन के लिए लाइन में खड़े थे, अचानक से ड्यूटी प्वाइंट के पास आसमान में उड़ता हुआ एक ड्रोन नजर आता है. आसपास के लोगों में हड़कंप मच जाता है, क्योंकि जहां ड्रोन उड़ रहा था. वो एरिया ऐसा है, जहां विमान उड़ने की भी परमिशन नहीं है. मॉक ड्रिल के अलावा वहां कोई और कुछ नहीं कर सकता, लेकिन ये कोई मॉक ड्रिल नहीं था, बल्कि किसी ने जानबूझकर इसे ड्रोन उड़ाया था, जिसकी मंशा भगदड़ मचाने की भी हो सकती है. क्योंकि महाकुंभ के बीच भारी संख्या में श्रद्दालु अयोध्या भी पहुंच रहे हैं. ऐसे में लोग आसमान में ड्रोन देखकर डरते, इधर-उधर भागते और फिर लोगों की जाने जा सकती थी, पुलिस इस एंगल पर भी जांच में जुटी है. राम जन्मभूमि थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.
हालांकि सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी के हवाले से दैनिक भाष्कर लिखता है... ड्रोन आसपास के किसी शादी समारोह से जुड़ा हो सकता है. राम मंदिर का एंटी-ड्रोन सिस्टम ढाई किमी के रेडियस में कोई भी उड़ता हुआ ड्रोन अपनी तरफ खींच लेता है. इस मामले में क्या हुआ है. इसकी जांच की जा रही है. चूंकि राम मंदिर उड़ाने की धमकी इससे पहले भी कई बार मिल चुकी है, यहां की सुरक्षा फिलहाल SSF यानि स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स के हवाले है, जिसे राम मंदिर निर्माण के बाद योगी आदित्यनाथ ने खास तौर पर बनाया था, और उसके बाद एनएसजी हब भी अयोध्या में बन रहा है, इसलिए इसे छोटा खतरा नहीं समझा जा सकता, जांच में क्या खुलासा होता है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं.
बीते साल नवंबर महीने में पन्नू ने ये धमकी दी थी कि हम हिंदुत्ववादी विचारधारा की जन्मस्थली अयोध्या की नींव हिला देंगे. पाकिस्तान में बैठे कई आका भी मंदिर के खिलाफ साजिश रचने में जुटे हैं, जिन्हें नाकाम करने के लिए कमांडोज ने बड़ी तैयार की है.
राम मंदिर की खास सुरक्षा
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से वहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से लेकर पूरे शहर तक पर नजर रखी जा रही है, ताकि कोई साधू या श्रद्धालु के वेश में घुसकर सुरक्षा को चकमा न देने पाए, फिलहाल ड्रोन मामले में क्या अपडेट आता है, इस पर सबकी निगाहें टिकी है, आपको क्या लगता है आप कमेंट कर अपनी राय दे सकते हैं.