अयोध्या: अयोध्या में मछली भोज को लेकर राजनीतिक बवाल मच गया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आरोपों पर सफाई देते हुए चुनौती दी है कि अगर उनकी मछली खाते हुए कोई तस्वीर सामने आती है तो वे तुरंत पद से इस्तीफा दे देंगे. वहीं, बाबरी मस्जिद के पूर्व मुद्दई इकबाल अंसारी ने कहा कि सावन जैसे पवित्र महीने में मांस-मछली नहीं खाना चाहिए.
रविवार को अयोध्या में निषाद समाज की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अजय राय, पार्टी के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम समेत कई कांग्रेस नेता शामिल हुए. कार्यक्रम के दौरान बारिश होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे. इसके बाद मछली पकाए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
योगी का हमला और अजय राय का पलटवार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश अध्यक्ष अयोध्या में हनुमानगढ़ी के दर्शन करने जाते हैं और उसके बाद मछली भोज की दावत उड़ाते हैं. उन्होंने इसे विरासत के अपमान से जोड़ा. इस पर अजय राय ने पलटवार करते हुए कहा कि आरोप साबित किए जाएं. उन्होंने चुनौती दी कि अगर उनकी मछली खाते हुए तस्वीर जारी की जाए तो वे तत्काल इस्तीफा देने को तैयार हैं.
इकबाल अंसारी का बयान
बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी इस मुद्दे पर बयान दिया. उन्होंने कहा कि अयोध्या धार्मिक नगरी है और सावन का महीना पूजा-पाठ के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसे में लोगों को इस महीने मांस, मछली, मुर्गा और अंडे जैसी चीजें नहीं खानी चाहिए. उन्होंने लोगों से पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों पर ध्यान देने की अपील की.
भाजपा इसे कांग्रेस के कथित दोहरे चरित्र और धार्मिक भावनाओं से जोड़कर उठा रही है, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक आरोप बताते हुए प्रमाण पेश करने की चुनौती दे रही है. यह विवाद आगे और तूल पकड़ सकता है.