लखनऊ: यूपी चुनाव में बहुत वक्त नहीं बचा है, लेकिन चुनावी तैयारियों में हर पार्टी लगी हुई है, जब खबर आती है कि चुनाव इसी साल हो सकते हैं तो अखिलेश यादव भी ऐलान कर देते हैं कि हम किसी भी वक्त चुनाव के लिए तैयार हैं. PDA के प्रहरियों को तैनात कर दिया गया है. सब मोर्चा संभाले हुए हैं, सभी का सिर्फ एक ही लक्ष्य है यूपी से योगी सरकार हो हटाकर सपा की साइकिल को सत्ता की सड़क पर दौड़ाना है.
योगी आदित्यनाथ ने खेला सबसे बड़ा दांव
वहीं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सबसे बड़ा दांव खेल दिया है. सैकड़ों सालों से मथुरा में जो विवाद चला आ रहा है, योगी आदित्यनाथ भी अब उस तरफ बढ़ चुके हैं. योगी जिस रंग को धारण करते हैं, उसी भगवा पर उन्होंने एक बार फिर से दांव खेला है, और मथुरा के लिए बड़े आंदोलन का ऐलान कर अखिलेश यादव के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) पर बड़ा प्रहार किया है. योगी आदित्यनाथ जब मथुरा के पड़ोसी जिले हाथरस में जाते हैं तो वहां से सीधे ऐलान करते हुए कहते हैं कि अब मथुरा में भी अयोध्या जैसे आंदोलन की जरूरत है.
मुख्यमंत्री के इस बयान के उसी वक्त के कई मायने निकाले जा रहे हैं, कुछ लोग मानते हैं कि ये चुनावी शिफूगा है, जबकि कई लोगों को इस बात पर यकीन है कि अगर योगी आदित्यनाथ मथुरा की बात तर रहे हैं तो वो इसके लिए कदम भी जरूर उठाएँगे. और इस बात को मानने वालों में वो लोग भी हैं जिन्हें अखिलेश यादव अपने PDA का सदस्य मानते हैं, यानि कि दलित और पिछड़े भी जमीनी स्तर पर योगी आदित्यनाथ के मथुरा वाले नारे के साथ खड़े दिख रहे हैं. जब योगी आदित्यनाथ पश्चिम यूपी में रैली करते हैं तो वहां भी सपा और कांग्रेस पर आरोप लगाते हैं कि इन पार्टियों को उस रंग से नफरत है जो योगी पहनते हैं, यहां मुख्यमंत्री का मतलब भगवा रंग के साथ था. यानि कि अगर साफ शब्दों में कहा जाए तो बेशक अखिलेश यादव इस चुनाव में मुस्लिमों को इकट्ठा और हिन्दुओँ को जातियों में बांट कर अपने साथ करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन योगी आदित्यनाथ ने सीधे और साफ तौर पर हिन्दुत्व की बात करके अखिलेश के जातियों वाले दांव को फेल करने की पूरी तैयारी कर ली है. लेकिन यूपी चुनाव में अभी भी वक्त है, और कहते हैं कि चुनावी पासा वोटिंग की पिछली रात तक कभी भी बदल सकता है.