लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कैबिनेट विस्तार में कौशाम्बी की चायल विधानसभा से सपा की बागी विधायक पूजा पाल को जगह नहीं मिली. मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार उनके नाम पर अंतिम समय में ब्रेक लग गया और उनकी जगह सुरेंद्र दिलेर को मंत्री पद दिया गया.
योगी कैबिनेट 2.0 के दूसरे विस्तार में आज 6 नए चेहरों ने शपथ ली. इनमें भूपेंद्र चौधरी, मनोज पांडेय, सुरेंद्र दिलेर, हंसराज विश्वकर्मा, कृष्णा पासवान और कैलाश राजपूत शामिल हैं. इसके अलावा सोमेंद्र तोमर और अजीत पाल को प्रमोशन मिला.
कौन हैं पूजा पाल?
पूजा पाल लगातार दो बार विधायक रह चुकी हैं. 2017 में भाजपा की लहर में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, इसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी जॉइन की. 2022 के चुनाव में वह चायल सीट से सपा टिकट पर जीतीं. हालांकि राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा के समर्थन में खड़े होने के बाद सपा से नाराजगी बढ़ गई और अप्रैल 2025 में उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था. उसके बाद वह भाजपा के करीब आती दिख रही थीं.
अखिलेश ने कसा तंज
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कैबिनेट विस्तार पर तंज कसते हुए कहा कि यूपी मंत्रिमंडल में सिर्फ 6 रिक्तियां हैं, जबकि दूसरे दलों से आए नेताओं की संख्या इससे कहीं ज्यादा है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इतने नेताओं को मंत्री बनाकर संतुष्ट किया जा सकेगा? अखिलेश ने कहा कि सबसे कमजोर नेताओं को मंत्री बनाकर उनकी कमजोरी दूर करने की कोशिश की जा रही है.
अखिलेश ने आगे कहा कि अगर एक ही समाज के कई विधायकों में से सिर्फ एक को मौका मिलेगा तो बाकी नेता खुद को ठगा महसूस करेंगे और जनता के सामने जवाबदेही नहीं दे पाएंगे. उन्होंने भाजपा पर भी कटाक्ष किया कि पार्टी किसी की सगी नहीं होती.
यह कैबिनेट विस्तार राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सपा के पूर्व बागी नेताओं को भी जगह दी गई है. पूजा पाल को अंतिम समय में बाहर किए जाने को उनके समर्थक बड़े झटके के रूप में देख रहे हैं.