भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य में 2028 तक गरीबी उन्मूलन के लिए ऐतिहासिक संकल्प लिया है. इसके तहत राज्य सरकार ने एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है, जिस पर कार्यान्वयन जल्द शुरू किया जाएगा. राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक के बाद बताया कि "गरीबी समाप्ति के लिए गरीब कल्याण मिशन-2028" का आगाज किया गया है.
इस मिशन का उद्देश्य राज्य के सभी गरीब और वंचित वर्ग को सशक्त बनाना है, ताकि वर्ष 2025 तक हर गरीब के पास पहुंचकर उसकी गरीबी को दूर किया जा सके. विजयवर्गीय ने मछुआरों के आर्थिक उत्थान के लिए राज्य सरकार द्वारा बनाई गई नीति का उल्लेख किया. इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कौन सी मछली की मांग अधिक है, और फिर मछुआरों को उन मछलियों के पालन के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके.
विजयवर्गीय ने कहा कि गरीबी उन्मूलन के कई महत्वपूर्ण इंडेक्स पर काम किया जाएगा, जैसे महिला और बालिका पोषण, बच्चों की शिक्षा, उन्हें पोषक भोजन प्रदान करना, और पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना. इन कदमों के माध्यम से "गरीब कल्याण मिशन 2028" के लक्ष्य को सही तरीके से लागू किया जाएगा. कैबिनेट बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि डायल 100 के तृतीय चरण में नया इंटीग्रेटेड सिस्टम विकसित किया जाएगा. इस सिस्टम पर 1,565 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इसकी डीपीआर तैयार कर ली गई है.
इस योजना का लाभ राज्य के सभी गांवों तक पहुंचाने का उद्देश्य है. राज्य सरकार फरवरी में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों में जुटी हुई है. मुख्यमंत्री मोहन यादव इस माह जापान की यात्रा पर भी जाएंगे, जहां राज्य के लिए निवेश के नए अवसर तलाशे जाएंगे. मुख्यमंत्री ने राज्य के हर जिले में बैंड स्थापित करने का ऐलान किया है, जिसके लिए 932 नए पद सृजित किए गए हैं. इससे राज्य में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.