नई दिल्ली: बिहार बचाने का नारा देकर पॉलिटिक्स में एंट्री मारने वाले प्रशांत कुमार को आख़िर योगी आदित्यनाथ से अभी डर क्यों लग रहा है? प्रशांत कुमार एक सफल राजनीतिक चाणक्य कहे जाते हैं... उनकी प्लानिंग के कारण ही साल 2014 में बीजेपी को बंपर जीत मिली! रिश्ते खराब हुए तो वो अलग हो गए! कुछ वक्त कांग्रेस के साथ रहे लेकिन अब बिहार में खुद CM बनने का सपना देख रहे हैं! मुसलमानों के बीच लगातार प्रशांत किशोर सभा कर रहे हैं, प्रशांत कुमार भी ममता बनर्जी और अखिलेश यादव की तरह मुस्लिम वोटरों की डगर पर हैं, इसलिए योगी पर टिप्पणी करना सामान्य बात है, लेकिन एक राजनीति की रणनीति बनाने वाले व्यक्ति की भविष्यवाणी में डर क्यों दिखता है?
उलेमाओं के साथ सियासी और समाजी मशवरा का कार्यक्रम चल रहा था. प्रशांत किशोर के पास मौलाना बैठे थे, प्रशांत किशोर की जुबान पर योगी का डर साफ दिख रहा है! ये भी समझा दिया कि संघ कैसे योगी आदित्यनाथ को आगे कर रहा है! योगी आदित्यनाथ को आगे कर हिन्दुओं को लेकर कोई बड़ी तैयारी है!
CM योगी ने एक नारा दिया था. विपक्ष ताश के पत्तों की तरह बिखर गया था. अखिलेश यादव खुद जानते हैं कि योगी को रोकना आसान नहीं है, इसलिए वो राहुल गांधी के साथ पुलिस की बैरिकेड को छलांग लगाते हैं! ताकि राहुल गांधी के नाम पर मुसलमानों का भरपूर वोट मिल जाए!
ऐसे में प्रशांत किशोर का डर लाजमी है, सियासत में वो नेताओं का भविष्य पढ़ लेते हैं, ठीक योगी को लेकर भी भविष्यवाणी कर दी है. ये डर अकेले प्रशांत किशोर का नहीं है बल्कि राहुल गांधी और ममता बनर्जी के लिए भी सबसे बड़ा ख़तरा योगी का कद है!