Prashant Kishore hunger strike: बिहार में बीपीएससी विवाद (BPSC controversy) थमने का नाम नहीं ले रहा है. पक्ष-विपक्ष के नेता लगातार इस पर बयानबाजी कर रहे हैं. इसी बीच जन सुराज पार्टी (Jan Suraj Party) के संस्थापक प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) बड़ा कदम उठाया है. दरअसल, प्रशांत किशोर पटना के गांधी मैदान में अनिश्चिकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं. प्रशांत किशोर की मांग है कि बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 13 दिसंबर को आयोजित 70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा रद्द कर दोबारा से परीक्षा कराई जाए.
इसी बीच पटना पुलिस ने बिना अनुमति के प्रतिबंधित क्षेत्र में भूख हड़ताल पर बैठने पर प्रशांत किशोर और उनके सहयोगियों पर एक और मामला दर्ज कर लिया है. बता दें कि गांधी मैदान (Gandhi Maidan) और आसपास के इलाकों में धरना-प्रदर्शन करने पर पाबंदी लगी हुई है. इस प्रकार के प्रदर्शन के लिए गर्दनीबाग में स्थान निर्धारित की गई है, लेकिन फिर भी प्रशांत किशोर गांधी मैदान में ही भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं.
वहीं BPSC के अभ्यर्थी अभी भी गर्दनी बाग में ही प्रदर्शन कर रहे हैं. इससे पहले जब अभ्यर्थी BPSC कार्यालय पहुंच रहे थे तो पुलिस के द्वारा लाटीचार्ज किया गया था. बताते चलें कि प्रशांत किशोर ने पिछले रविवार को भी प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों को गांधी मैदान बुला लिया था और मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने के लिए निकल गए थे, इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था.
उस दिन भी प्रशांत किशोर सहित 600 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. इसे लेकर पटना के डीएम चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि प्रशांत किशोर ने बिना अनुमति डेढ़ सौ लोगों के साथ प्रतिबंधित क्षेत्र में विरोध-प्रदर्शन किया है, जबकि उन्हें पहले बता दिया गया था कि यदि वो गांधी मैंदान में भूख हड़ताल पर बैठते हैं तो उनपर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन वे नहीं माने और भूख हड़ताल पर बैठ गए.
बता दें कि बीपीएससी अभ्यर्थी 13 दिसंबर से ही गर्दनी बाग में धरना दे रहे हैं. अभ्यर्थियों की मांग है कि BPSC 13 दिसंबर को आयोजित 70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा को पूरी तरह से रद्द कर दोबारा परीक्षा कराएं. वहीं, बीपीएससी ने सिर्फ बापू परीक्षा केंद्र की परीक्षा ही रद्द की है और बांकी परीक्षा को रद्द करने मना कर दिया है, जबकि नीतीश सरकार ने भी इस मामले से पूरी तरह से पल्ला झाड़ लिया है.