नई दिल्ली: विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया अलायंस ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की योजना बनाई है. सूत्रों के अनुसार, इस मुद्दे पर इंडिया गठबंधन की हालिया बैठक में गहन चर्चा हुई. यह कदम कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा हाल ही में लगाए गए 'वोट चोरी' के आरोपों के बाद उठाया जा रहा है.
राहुल गांधी के आरोप
राहुल गांधी ने हाल ही में दावा किया था कि 2024 के लोकसभा चुनावों में मतदाता सूची में हेरफेर और 'वोट चोरी' हुई. खास तौर पर, उन्होंने कर्नाटक के बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा क्षेत्र के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1,00,250 फर्जी वोटों की बात कही. गांधी ने इसे एक बड़े पैमाने पर चुनावी धांधली का हिस्सा बताते हुए चुनाव आयोग पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया.
महाभियोग प्रस्ताव की चर्चा
सूत्रों का कहना है कि इंडिया गठबंधन की बैठक में विपक्षी दलों ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने पर सहमति जताई है. यह प्रस्ताव बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) और अन्य राज्यों में कथित अनियमितताओं के जवाब में लाया जा सकता है. विपक्ष का आरोप है कि इन प्रक्रियाओं में अल्पसंख्यक और विपक्ष समर्थक मतदाताओं को निशाना बनाया गया.
बिहार में मतदाता सूची विवाद
बिहार में चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में किए गए विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के तहत 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिसे विपक्ष ने 'वोट चोरी' और मतदाताओं को दबाने की साजिश करार दिया है. राहुल गांधी ने इसे लेकर 'वोटर अधिकार यात्रा' शुरू की, जिसमें उन्होंने और अन्य विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर सवाल उठाए.
चुनाव आयोग का जवाब
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को 'बेबुनियाद' और 'गैर-जिम्मेदाराना' बताया है. सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि अगर राहुल गांधी अपने दावों पर यकीन करते हैं, तो उन्हें सात दिनों के भीतर शपथपत्र दाखिल करना चाहिए, अन्यथा उन्हें देश से माफी मांगनी होगी. आयोग ने यह भी कहा कि मतदाता सूची में हेरफेर के कोई सबूत नहीं हैं और एसआईआर प्रक्रिया पारदर्शी रही है.