सिद्धार्थनगर : उत्तर प्रदेश की सियासत में पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह एक बार फिर अपने तीखे और विवादित बयानों को लेकर चर्चा में हैं. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में उन्हें मुसलमानों पर हमला, कब्जे और अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए यह कहते सुना जा सकता है कि अगर कब्जा किया गया है तो उसे ध्वस्त करने की आदत भी बन रही है. इसके बाद वह हिंदू-मुसलमान का मुद्दा आने पर अपनी राजनीतिक भूमिका को लेकर भी चुनौतीपूर्ण अंदाज में बात करते हैं.
राघवेंद्र प्रताप सिंह का नाम उत्तर प्रदेश की राजनीति में हिंदू युवा वाहिनी से जुड़ा रहा है. 2017 के बाद गठित हिंदू युवा वाहिनी की यूपी इकाई में उन्हें प्रदेश प्रभारी बनाया गया था. संगठन की स्थापना 2002 में तत्कालीन गोरखपुर सांसद योगी आदित्यनाथ से जुड़ी रही है.
राघवेंद्र प्रताप सिंह सिद्धार्थनगर की डुमरियागंज विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक रह चुके हैं. 2017 में उन्होंने बसपा की सैयदा खातून को हराकर चुनाव जीता था, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में सैयदा खातून ने उन्हें मात दी. यानी यह कहना सही है कि पिछला विधानसभा चुनाव वह नहीं जीत पाए थे.
उनके बयानों को लेकर विवाद नया नहीं है. 2022 के चुनाव के दौरान भी एक वायरल वीडियो में उन्होंने दूसरे पक्ष को वोट देने वाले हिंदुओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. उस मामले में पुलिस ने विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने के आरोप में केस दर्ज किया था.